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आईजी रामगोपाल गर्ग का सख्त रुख: एनडीपीएस के फरार आरोपियों की धरपकड़ में कोताही बर्दाश्त नहीं, पुलिस कप्तानों को दिए ‘जीरो टॉलरेंस’ के निर्देश।

आईजी रामगोपाल गर्ग का सख्त रुख: एनडीपीएस के फरार आरोपियों की धरपकड़ में कोताही बर्दाश्त नहीं, पुलिस कप्तानों को दिए ‘जीरो टॉलरेंस’ के निर्देश।

​बिलासपुर: बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) श्री रामगोपाल गर्ग ने अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मादक पदार्थों (NDPS) से जुड़े लंबित मामलों और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में किसी भी प्रकार की शिथिलता अक्षम्य होगी।


​वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में आईजी श्री गर्ग ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने वाले तत्वों पर नकेल कसने की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया।
​एनडीपीएस प्रकरणों पर विशेष फोकस: ‘तकनीकी सर्विलांस’ से होगी धरपकड़
​आईजी ने बैठक में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज उन प्रकरणों की सघन समीक्षा की, जिनमें आरोपी अब तक कानून की पहुंच से दूर हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि:
​विशिष्ट कार्ययोजना: फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु प्रत्येक जिले में पृथक और प्रभावी कार्ययोजना का क्रियान्वयन अनिवार्य है।
​इंटेलिजेंस शेयरिंग: एनसीबी (NCB) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के साथ समन्वय स्थापित कर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाए।
​तकनीकी विश्लेषण: फरार आरोपियों के बैंक खातों, पैन कार्ड, मोबाइल लोकेशन, वाहन पंजीकरण एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण किया जाए। साथ ही, [Aadhaar Redacted] जैसे पहचान दस्तावेजों और नेटग्रिड (NATGRID) से प्राप्त इनपुट्स के माध्यम से आरोपियों की घेराबंदी सुनिश्चित की जाए।
​अंतर्राज्यीय समन्वय: अन्य राज्यों की पुलिस के साथ सक्रिय संपर्क साधकर फरार अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए।
​न्यायालयीन कार्यों में जवाबदेही तय
​आईजी ने न्यायालयीन समंस और वारंट की तामीली में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
​सीधी मॉनिटरिंग: जिले के पुलिस अधीक्षक स्वयं वारंट तामीली की मॉनिटरिंग करेंगे।
​जवाबदेही: कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारियों और नोडल अधिकारियों पर सीधे कार्रवाई की जाएगी। गंभीर प्रकरणों में ‘वर्चुअल गवाही’ की व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
​मुख्यमंत्री हेल्पलाइन: समयबद्ध निराकरण के निर्देश
​जन-शिकायत निवारण को प्राथमिकता देते हुए आईजी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निपटारा करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि विलंब करने वाले थाना प्रभारियों को अनिवार्य रूप से कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया जाए।
​शांति एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
​बैठक के समापन पर आईजी रामगोपाल गर्ग ने पुलिस कप्तानों को सराफा बाजारों, संवेदनशील क्षेत्रों एवं पिकेट पॉइंट्स पर नियमित चेकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून का पालन कराना नहीं, बल्कि नागरिकों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करना है। उन्होंने आगामी माह में एनडीपीएस मामलों की पुनः समीक्षा की चेतावनी देते हुए पूरी तैयारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

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