मुंगेली: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने ली अपराध समीक्षा बैठक, ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ और ‘साइबर जागरूकता’ पर दिया विशेष जोर

मुंगेली, 21 जून 2026।

मुंगेली जिले की कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री भोजराम पटेल (IPS) द्वारा शनिवार (20 जून) को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के संवाद कक्ष में एक महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक ली गई। इस बैठक में जिले के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना/चौकी प्रभारी और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

​एसएसपी श्री पटेल ने बैठक में महिला सुरक्षा, गुमशुदा बच्चों की तलाश, और साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए सख्त लहजे में दिशा-निर्देश जारी किए।

​7 से 15 दिनों के भीतर शिकायतों के निपटारे का अल्टीमेटम

​वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:

​शिकायतों का समय पर निराकरण: थानों में आने वाली नई शिकायतों का 07 दिनों के भीतर और पुरानी लंबित शिकायतों का 15 दिनों के भीतर हर हाल में निराकरण किया जाए।

​गंभीर अपराधों पर फोकस: हत्या, हत्या का प्रयास, चोरी, नकबजनी और झपटमारी जैसे संपत्ति संबंधी अपराधों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

​कानूनी प्रक्रिया में तेजी: धारा 173(8) जा.फौ. (वर्तमान 193 BNSS) के तहत लंबित मामलों और लंबित मर्ग प्रकरणों का शीघ्र वैधानिक निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया है।

​’ऑपरेशन मुस्कान’ और बीट प्रणाली से स्मार्ट पुलिसिंग’

 

​बैठक में गुमशुदा बालक-बालिकाओं की सकुशल बरामदगी के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन मुस्कान” की भी समीक्षा की गई। श्री पटेल ने इस कार्य में तेजी लाकर बच्चों को परिजनों को सौंपने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हो सके।

​इसके अलावा, जिले में बीट प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाकर ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ पर जोर दिया गया। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे आम जनता के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाएं और लोगों को नशे के दुष्प्रभावों, यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक करें।

​साइबर अपराधों पर लगाम: अब ‘बिना कोर्ट चक्कर’ वापस मिलेगी ठगी की रकम

​डिजिटल युग में बढ़ते साइबर फ्रॉड को देखते हुए एसएसपी श्री भोजराम पटेल ने एक विशेष तकनीकी पहल पर जोर दिया। उन्होंने स्कूली छात्र-छात्राओं और सार्वजनिक स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।

​राहत की खबर: GRM और MRM मॉड्यूल का होगा उपयोग

पहले साइबर ठगी का शिकार होने पर आम जनता का खाता फ्रीज हो जाता था और उन्हें दूसरे राज्यों के चक्कर काटने पड़ते थे। अब पुलिस NCCRP पोर्टल के तहत नए टूल्स का उपयोग करेगी:

​GRM (Grievance Redressal Mechanism): इसके तहत खाताधारक, बैंक और संबंधित राज्य की पुलिस ऑनलाइन माध्यम से ही समन्वय कर खाता अनफ्रीज करा सकेंगे।

​MRM (Money Restoration Module): इस मॉड्यूल के तहत ठगी की गई जो रकम होल्ड (Freeze) हुई है, उसे बिना अदालती अनुमति के संबंधित पुलिस अधिकारी सीधे पीड़ित के खाते में वापस करा सकेंगे।

इसके साथ ही नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और cybercrime.gov.in पर आने वाली शिकायतों का त्वरित निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं।

​बैठक में ये रहे उपस्थित

​इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुंगेली सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा, उप पुलिस अधीक्षक (पथरिया) श्री हरविन्दर सिंह, रक्षित निरीक्षक सहित जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारी, यातायात प्रभारी और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे। सभी पर्यवेक्षण अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण और सतत निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

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