गोड़वाना गणतंत्र पार्टी का 17 जनवरी को जिला मुख्यालय में ‘जेल भरो आंदोलन’, प्रशासन पर दमनात्मक आदेशों का आरोप
मुंगेली।
गोड़वाना गणतंत्र पार्टी (जीजीपी) ने जिला प्रशासन पर दमनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए 17 जनवरी 2026 को जिला मुख्यालय मुंगेली में जेल भरो आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि पीड़ित पक्षों की आवाज को दबाने के लिए प्रशासन द्वारा आदेश पारित किए गए, जो संविधान प्रदत्त अधिकारों के विरुद्ध हैं।

जिला अध्यक्ष आनंद पाण्डेय द्वारा अनुविभागीय दंडाधिकारी एवं कलेक्टर कार्यालय को भेजे गए पत्र में उल्लेख है कि 17 जनवरी को कलेक्ट्रेट परिसर के समक्ष संगठित रूप से आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष (अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ) सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता स्वेच्छा से गिरफ्तारी देंगे।
पत्र में प्रशासन द्वारा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन की अनुमति न दिए जाने पर आपत्ति जताई गई है। पार्टी का आरोप है कि शांतिपूर्ण और संवैधानिक ढंग से न्यायिक मांगें रखने के बावजूद प्रशासन ने आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जा सकती, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
जीजीपी ने यह भी दावा किया कि जिले में अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति समुदाय के मामलों में शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय “कागजी खानापूर्ति” कर प्रकरणों का निपटारा कर दिया जाता है। पार्टी ने ग्राम टिंगपुर जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि न्याय देने के बजाय त्रुटिपूर्ण आदेश पारित किए गए।

पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि यदि आंदोलन के दौरान कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। साथ ही पार्टी ने संकेत दिया है कि जिले के संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों की संपत्ति, आय-व्यय की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) से कराए जाने की मांग को लेकर आगे आवेदन किया जाएगा।
आंदोलन की सूचना की प्रतिलिपि कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार/कार्यपालिक दंडाधिकारी तथा थाना प्रभारी सिटी कोतवाली को भेजी गई है।
पार्टी का कहना है कि उसका संघर्ष पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और केवल न्याय की मांग को लेकर है। वहीं प्रशासन की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
