माघी अमावस्या पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर प्रहार से सनातनी समाज आहत, बोदरी में आपात बैठक
माघी अमावस्या पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर प्रहार से सनातनी समाज आहत, बोदरी में आपात बैठक
सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने जताया विरोध, अपराध-मुक्त भारत का लिया संकल्प

बोदरी (छत्तीसगढ़)।
माघी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के साथ कथित दुर्व्यवहार और प्रहार की घटना से देशभर के सनातनी समाज में गहरा आक्रोश और पीड़ा व्याप्त है। इस घटना को लेकर छत्तीसगढ़ के बोदरी तहसील में सामाजिक व धार्मिक संगठनों द्वारा आपातकालीन बैठक आयोजित कर कड़ी निंदा की गई।

यह बैठक जनकल्याण पुनर्वास केंद्र में विश्व महालक्ष्मी महिला स्वयं सहायता समूह, क्राइम फ्री इंडिया मिशन, विश्व मानव परमार्थ ट्रस्ट, विश्व हिंदू महासभा सहित अन्य सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों ने घटना को सनातन परंपरा और धर्मगुरुओं के सम्मान पर सीधा प्रहार बताया।

“शंकराचार्य जी का अपमान अक्षम्य”
बैठक को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित विकास दुबे (वरिष्ठ अधिवक्ता, हाईकोर्ट प्रयागराज) ने ऑनलाइन माध्यम से कहा कि
“जिस माघ कुंभ को 300 वर्षों की रोक के बाद महान पेशवाओं और संतों के बलिदान से पुनर्जीवित किया गया, उसी कुंभ में सनातन धर्म के शीर्ष धर्मगुरु का अपमान होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अक्षम्य है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि संन्यासियों व बटुकों के साथ दुर्व्यवहार, शिखा पकड़कर घसीटना और शंकराचार्य जी का छत्र तोड़ा जाना अत्यंत निंदनीय है। बैठक में यह भी बताया गया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी इस घटना के विरोध में अन्न-जल त्याग कर अनशन पर हैं।
योगी शासन में हुई घटना पर जताई चिंता
बैठक में वक्ताओं ने उत्तर प्रदेश के योगी शासन-प्रशासन के दौरान ऐसी घटना को गंभीर चिंता का विषय बताया और इसे सनातन समाज की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य करार दिया। उपस्थित संगठनों ने एक स्वर में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
अखंड नवधा रामायण का भव्य आयोजन

इसी बैठक में यह भी घोषणा की गई कि बेलमुंडी धाम, ग्राम बेलमुंडी में आगामी 4 फरवरी से 14 फरवरी तक चतुर्थ वार्षिक अखंड नवधा रामायण का भव्य, दिव्य एवं प्रचंड आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में बिल्मांडी सहित आसपास के गांवों के श्रद्धालु, सामाजिक संस्थाएं और सहयोगी संगठन सहभागिता करेंगे।
इस धार्मिक आयोजन के माध्यम से धर्म, संस्कार और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया गया। सभी संगठनों ने जन-जन से इसमें शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।
अपराध-मुक्त और “अच्छे भारत” का संकल्प
बैठक के दौरान क्राइम फ्री इंडिया मिशन और विश्व मानव परमार्थ ट्रस्ट के तत्वावधान में 11 सूत्रीय एवं 16 बिंदुओं वाले “अच्छे भारत” संकल्प पर भी विस्तृत चर्चा हुई। महिला कार्मिक प्रकोष्ठ की सदस्यों ने ग्राम पंचायत स्तर तक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया।

संकल्प के मुख्य बिंदुओं में—
रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, खुशहाली, टैक्स-मुक्त व्यवस्था, उत्तरदायी प्रशासन, त्वरित न्याय, जैविक पर्यावरण, कौशल विकास, स्वावलंबन, गौशाला, गुरुकुल और सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रमों को शामिल किया गया।
धर्मविरोधी ताकतों के खिलाफ संघर्ष का ऐलान
अंत में राष्ट्रीय अध्यक्ष (पूर्व डीजीपी) मैथिलीशरण गुप्त एवं जिला स्पेशल ऑफिसर पंडित श्रवण दुबे समुद्रशास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार) ने संयुक्त रूप से कहा कि
“धर्म और आस्था के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शंकराचार्य जी के साथ हुई घटना की निंदा करते हुए धर्मविरोधी ताकतों के खिलाफ संवैधानिक और सामाजिक संघर्ष जारी रहेगा।”
बैठक का समापन धर्म, समाज और राष्ट्रहित में एकजुट होकर कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।
