गांव चंदली से विश्व मंच तक: राजकुमार सतनामी का नाम गिनीज लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज संघर्ष, सेवा और संकल्प की कहानी बनी अंतरराष्ट्रीय पहचान
गांव चंदली से विश्व मंच तक: राजकुमार सतनामी का नाम गिनीज लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज
संघर्ष, सेवा और संकल्प की कहानी बनी अंतरराष्ट्रीय पहचान

मुंगेली।
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले का एक छोटा-सा गांव चंदली आज विश्व पटल पर चर्चा में है। कारण हैं—गांव में जन्मे सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार सतनामी, जिनका नाम गिनीज लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस संघर्षशील सोच की जीत है जो सीमित संसाधनों के बावजूद समाज परिवर्तन का सपना देखती है।
साधारण परिवार, असाधारण संकल्प
मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मे राजकुमार सतनामी ने बचपन से ही समाज की पीड़ा को करीब से देखा। शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने कम उम्र में ही सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी। गांव, समाज और युवाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाते हुए वे निरंतर आगे बढ़ते गए।
कम उम्र में ही उन्हें जिला अध्यक्ष से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक की जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं। विशेष बात यह रही कि वे सबसे कम उम्र और सीमित आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले ऐसे सामाजिक कार्यकर्ता बने, जिन्होंने संगठनात्मक नेतृत्व में अपनी अलग पहचान बनाई।
राष्ट्रीय सम्मान से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक
राजकुमार सतनामी को अब तक देश में तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं, जबकि सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उन्हें अनेक मंचों पर सम्मानित किया गया है। उनके निरंतर और प्रभावशाली कार्यों को देखते हुए लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने दस्तावेजों, उपलब्धियों और सामाजिक प्रभाव के आधार पर उनका चयन किया।
24 जनवरी को दिल्ली में सम्मान
इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि के अंतर्गत राजकुमार सतनामी को 24 जनवरी को नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित भव्य अंतरराष्ट्रीय अवार्ड समारोह में सम्मानित किया जाएगा। वे 22 जनवरी को ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
सरपंच का सम्मान, गांव का आत्मसम्मान
जैसे ही यह खबर ग्राम पंचायत चंदली की सरपंच सुभद्रा तुकाराम राजपूत तक पहुँची, उन्होंने राजकुमार सतनामी को सम्मानित करते हुए ₹5051 की सहयोग राशि भेंट की। सरपंच ने इसे पूरे गांव के लिए गौरव का क्षण बताया।
उन्होंने कहा,
“राजकुमार सतनामी ने यह सिद्ध कर दिया कि मेहनत और निष्ठा के आगे सीमाएँ बाधा नहीं बन सकतीं। उन्होंने अपने माता-पिता, गांव, छत्तीसगढ़ और देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया है।”
सरपंच ने दिल्ली प्रवास के दौरान हरसंभव सहयोग देने का भरोसा भी जताया।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने राजकुमार
राजकुमार सतनामी की इस उपलब्धि से गांव चंदली में उत्सव जैसा माहौल है। ग्रामीणों और युवाओं का कहना है कि यह सफलता साबित करती है कि समाज सेवा भी विश्व पहचान दिला सकती है।
