मुंगेली: ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस, चुनावी पारदर्शिता और मतदाता सूची पर उठाए गंभीर सवाल

मुंगेली। पूरे देश में चलाए जा रहे कांग्रेस के ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत मुंगेली के रेस्ट हाउस में एक जिला स्तरीय पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देशों के तहत आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मतदाता सूची की शुद्धता, चुनावी पारदर्शिता और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।

​वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी

​इस जिला स्तरीय पत्रकार वार्ता में एआईसीसी (AICC) पर्यवेक्षक शरद अहेर, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व वन मंत्री मोहम्मद अकबर, पीसीसी (PCC) पर्यवेक्षक हितेंद्र ठाकुर और जिला कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

​मतदाता सूची की गड़बड़ियों और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही पर घेरा

​पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए एआईसीसी पर्यवेक्षक शरद अहेर ने कहा कि चुनावी अनियमितताओं का मुद्दा केवल ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निष्पक्ष चुनाव और हर पात्र नागरिक के मताधिकार से जुड़ा एक बेहद गंभीर विषय है।

​उन्होंने राहुल गांधी द्वारा महाराष्ट्र, कर्नाटक और हरियाणा में मतदाता सूचियों में उठाई गई कथित विसंगतियों का जिक्र करते हुए कहा:

​महाराष्ट्र: लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच अचानक बढ़े मतदाताओं की संख्या पर सवाल उठाए गए।

​कर्नाटक: महादेवपुरा क्षेत्र में दोहरे पंजीकरण और संदिग्ध प्रविष्टियों तथा आलंद में नाम हटाने के कथित प्रयासों की पारदर्शी जांच की मांग की गई।

​लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आने की अपील

​भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने लोकतंत्र को बचाने की इस मुहिम में आम जनता से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने का आह्वान किया।

​कांग्रेस की मुख्य मांगें

​जिलाध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने कांग्रेस पार्टी की ओर से निम्नलिखित प्रमुख मांगे सामने रखीं:

​डिजिटल आंकड़े सार्वजनिक हों: मतदाता सूची से नाम जोड़ने और हटाने से संबंधित विस्तृत डिजिटल डेटा को सार्वजनिक किया जाए।

​सत्यापन योग्य रिकॉर्ड: राजनीतिक दलों को सत्यापन योग्य रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जाएं और प्रभावित मतदाताओं को सुधार व अपील का पूरा मौका मिले।

​स्वतंत्र जांच: गंभीर विसंगतियों की आशंका वाले क्षेत्रों में समयबद्ध और स्वतंत्र जांच कराई जाए।

​नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता: मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया और निर्वाचन आयुक्तों को मिलने वाले कानूनी संरक्षण पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता के लिए पारदर्शिता की मांग की गई।

​स्थानीय स्तर पर चलाएंगे जागरूकता अभियान

​प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिला कांग्रेस इकाई ने स्पष्ट किया कि वे स्थानीय स्तर पर भी मतदाता सूचियों में संभावित विसंगतियों की पहचान करेंगे, प्रभावित नागरिकों के मामलों का दस्तावेजीकरण करेंगे और व्यापक मतदाता जागरूकता अभियान चलाएंगे।

​कांग्रेस नेताओं ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहना अनिवार्य है, जिसके लिए निष्पक्षता, पारदर्शिता और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।

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