सतनाम धर्म की विधिक मान्यता और जनगणना में पृथक कोड दर्ज कराने को लेकर मुंगेली में जागरूकता बैठक आयोजित
सतनाम धर्म की विधिक मान्यता और जनगणना में पृथक कोड दर्ज कराने को लेकर मुंगेली में जागरूकता बैठक आयोजित
मुंगेली। सतनाम धर्म की पहचान, इतिहास और अधिकारों के संरक्षण को लेकर ‘गुरुघासीदास सेवादार संघ’ (GSS) के तत्वावधान में जिला मुंगेली के जरहागांव क्षेत्र अंतर्गत ग्राम फुलवारी एवं केवटाडीह में एक दिवसीय जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में क्षेत्र के नवयुवकों, महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और सतनाम धर्म की अस्मिता व अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया।
प्रमुख माँगें और उठाये गए मुद्दे:
सतनाम धर्म स्थल सर्वोच्च प्रबंधन संस्थान (SDSSPS) का गठन:

मुख्य वक्ता एवं केंद्रीय प्रवक्ता (GSS) श्री वीरेंद्र भारद्वाज ने ‘सतनाम धर्म स्थल सर्वोच्च प्रबंधन संस्थान’ के गठन की माँग को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सतनाम धर्म धामों एवं समुदाय के संसाधनों का संचालन किसी सीमित समूह के पास न होकर, आम सतनाम धर्मियों की शिक्षा और रोजगार के प्रति जवाबदेह व्यवस्था के अंतर्गत होना चाहिए।
1881 की जनगणना का संदर्भ और धर्म कोड की माँग:

वक्ताओं ने ऐतिहासिक साक्ष्यों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 1881 की पहली समकालिक जनगणना के अभिलेखों तथा भारत सरकार के जनगणना प्रकाशनों में “Satnami” का स्पष्ट उल्लेख दर्ज है। ऐसे में वर्तमान जनगणना में सतनाम धर्म के लिए अलग विकल्प (कोड) न होने पर सवाल उठाते हुए इसे कानूनी मान्यता देने की माँग की गई।
संसाधनों के संरक्षण एवं अनुचित कब्जों का विरोध:

बैठक में आरोप लगाया गया कि ट्रस्ट के नाम पर धर्मधामों की चढ़ोत्तरी व संसाधनों पर एकाधिकार का प्रयास किया जा रहा है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि समाज व धर्म के नाम पर संसाधनों की बंदरबांट और एकाधिकार का कड़ा विरोध किया जाएगा।
विरासत एवं इतिहास के दस्तावेजीकरण पर जोर:

उपस्थित लोगों ने सतनामी शहीदों और प्रामाणिक इतिहास के दस्तावेजीकरण की कमी पर चिंता व्यक्त की। युवाओं ने कहा कि वास्तविक इतिहास को छिपाकर भ्रामक जानकारियों का प्रसार किया जा रहा है। युवाओं ने ‘सतनाम धर्म स्वतंत्रता सेनानी मोर्चा’ से जुड़कर दबे हुए इतिहास को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
आगामी आंदोलन की रणनीति:
बैठक में निर्णय लिया गया कि सतनाम धर्म कोड की माँग को लेकर अब सांसदों एवं विधायकों को एकजुट होकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके साथ ही प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन में समाज की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने आम जनता से आरक्षण एवं जनगणना के नाम पर गुमराह करने वाले बिचौलियों से सावधान रहने की अपील की।
कार्यक्रम में उपस्थिति:

इस बैठक में सह-वक्ता के रूप में मिश्रीलाल खाण्डे (अध्यक्ष, SDSSPS), रूपदास टंडन (GSS जिला संयोजक, मुंगेली), राधेश्याम बघेल, श्यामचंद मिरी और भूपेन्द्र कौशल शामिल हुए।
कार्यक्रम का सफल आयोजन ढेलउराम सोनवानी, शैलेन्द्र कुमार खाण्डेकर, सरोज, राजेश कोशले, टेकलाल गेंदले, मधु गेंदले, आशीष बघेल, आतीषा बघेल, गौतम बाई बघेल, भुनेश्वर बंजारे, चंद्रकुमार बांधले, धनशू सोनवानी, अश्वनी बंजारे, मनीराम अनंत, चंद्रभान खन्ना, नागेश्वर बंजारे, नरेंद्र डहरिया सहित आयोजक मंडल के सदस्यों द्वारा किया गया।
