मीडिया की खबर का बड़ा असर: ग्राम पंचायत किरना के घपलेबाज़ों पर गिरी गाज, जिला पंचायत CEO ने सचिव को किया निलंबित; SDM ने जारी की धारा 92 के तहत वसूली नोटिस

पथरिया/मुंगेली:

ग्राम पंचायत किरना में विकास कार्यों के नाम पर वित्तीय अनियमितताओं, बिना पंचायत प्रस्ताव के राशि आहरण और शासकीय राशि के गबन का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। हमारे समाचार पत्र द्वारा ग्राम पंचायत किरना के इस वित्तीय घपले और भ्रष्टाचार के मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद ही प्रशासन हरकत में आया और यह बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई है।

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​जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए जिला पंचायत मुंगेली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) गोकुल राम रावते ने आदेश जारी कर ग्राम पंचायत किरना के सचिव खोझालु प्रसाद मिरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश के अनुसार, सचिव पर 15वें वित्त, मूलभूत, बाजार नीलामी तथा मकान टैक्स की राशि का मनमाने तरीके से आहरण कर गबन करने, बिना पंचायत प्रस्ताव के तालाब व नाली सफाई हेतु राशि निकालने, बाजार नीलामी की राशि एक साल बाद भी कोष में जमा न करने तथा विभिन्न मदों में कुल 4,61,111 रुपये की गंभीर वित्तीय अनियमितता बरतने का आरोप सिद्ध हुआ है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत पथरिया तय किया गया है और किरना का अतिरिक्त प्रभार चुनचुनिया के सचिव व्यासनारायण लहरे को सौंपा गया है।

​इसके साथ ही, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी पथरिया द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 92 के तहत सरपंच श्रीमती जलवती घृतलहरे एवं सचिव खोझालु प्रसाद मिरी के खिलाफ कड़ी वसूली कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसडीएम कोर्ट की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, पूर्व निर्माण कार्यों की राशि का भुगतान न किए जाने के मामले में 3,64,001 रुपये की वसूली हेतु 12 अक्टूबर 2026 तक का समय दिया गया है। वहीं, बिना पंचायत बैठक की मंजूरी और बिना मौका जांच कराए राशि आहरित करने के मामले में 2,30,555 रुपये की बकाया राशि जमा करने के लिए 15 अक्टूबर 2026 तक की अंतिम तिथि तय की गई है। नोटिस में साफ चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय-सीमा में राशि जमा न करने पर दोनों के खिलाफ विधि अनुसार कड़क प्रपीड़ित (कुर्की व वसूली) कार्रवाई की जाएगी। हमारी खबर के बाद हुई इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के भ्रष्ट अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों में हड़कंप मच गया है, वहीं ग्रामीणों ने इस निष्पक्ष पत्रकारिता की जमकर सराहना की है। , कृपया इसे पढ़ो समझकर इस खबर के लिए थंबनेल बनाइये

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