सिरगिट्टी थाना प्रभारी का सख्त रुख— फैक्ट्रियों और ठेकेदारों को नोटिस जारी। समय-सीमा खत्म होने के बाद पुलिस टीम करेगी औचक निरीक्षण, होगी सीधी कानूनी कार्रवाई।
सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: बाहरी श्रमिकों के पुलिस वेरिफिकेशन के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम, कोताही बरतने वाली कंपनियों पर होगी FIR
हजारों बाहरी श्रमिकों के सत्यापन न होने से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश।
सिरगिट्टी थाना प्रभारी का सख्त रुख— फैक्ट्रियों और ठेकेदारों को नोटिस जारी।
समय-सीमा खत्म होने के बाद पुलिस टीम करेगी औचक निरीक्षण, होगी सीधी कानूनी कार्रवाई।
बिलासपुर के प्रमुख इंडस्ट्रियल हब ‘सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र’ में कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। क्षेत्र की विभिन्न फैक्ट्रियों, निर्माण कार्यों और औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत हजारों बाहरी (अन्य राज्यों व जिलों के) श्रमिकों का पुलिस सत्यापन न होने का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। नियमों को ताक पर रखकर बिना वेरिफिकेशन के बाहरी लोगों को काम पर रखने से स्थानीय निवासियों में सुरक्षा को लेकर भारी आक्रोश है।
इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए सिरगिट्टी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके तहत दोषी कंपनियों और ठेकेदारों के खिलाफ सीधे FIR दर्ज करने की चेतावनी दी गई है।
नियमों को ठंडे बस्ते में डाल रही थीं कंपनियां
नियमों के मुताबिक, किसी भी बाहरी व्यक्ति या श्रमिक को काम पर रखने से पहले संबंधित कंपनी प्रबंधन या ठेकेदार को उसकी पूरी जानकारी और पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट स्थानीय थाने में जमा करना अनिवार्य होता है। सिरगिट्टी एक बड़ा औद्योगिक हब होने के कारण यहाँ देश के कोने-कोने से लोग आकर काम करते हैं। इसके बावजूद अधिकांश कंपनियों ने इस नियम को ठंडे बस्ते में डाल रखा था। पूर्व में कई थाना प्रभारियों के कार्यकाल के दौरान शिकायतें तो हुईं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से फैक्ट्रियों के हौसले बुलंद थे।
थाना प्रभारी (TI) का सख्त स्टैंड: “पूर्व में जो हुआ भूल जाएं, अब होगी सीधी कार्रवाई”
इस लापरवाही पर सिरगिट्टी थाना प्रभारी ने जनता की चिंताओं को सही ठहराते हुए बेहद कड़ा और स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने कहा:
”मामला हमारे संज्ञान में है और बाहरी श्रमिकों का सत्यापन स्थानीय सुरक्षा के लिए अत्यंत अनिवार्य है। पूर्व में क्या हुआ, उस पर टिप्पणी करने के बजाय हमारा ध्यान वर्तमान सुधार पर है। हमने क्षेत्र की सभी औद्योगिक इकाइयों, ठेकेदारों और मकान मालिकों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। सभी को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर अपने यहाँ कार्यरत बाहरी कर्मचारियों का पूरा डेटा और सत्यापन फॉर्म थाने में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि दी गई अवधि के भीतर सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो संबंधित कंपनी प्रबंधन और ठेकेदारों के खिलाफ सीधे कानूनी कार्रवाई (FIR) की जाएगी।”
15 दिनों का अल्टीमेटम और औचक निरीक्षण की तैयारी
पुलिस प्रशासन की ओर से औद्योगिक इकाइयों को 15 दिनों का ‘वेटिंग पीरियड’ (अल्टीमेटम) दिया जा रहा है। इस निर्धारित अवधि के समाप्त होते ही पुलिस की एक विशेष टीम औद्योगिक क्षेत्रों में औचक निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान यदि कोई भी बाहरी श्रमिक बिना पुलिस सत्यापन के कार्य करते पाया गया, तो संबंधित नियोक्ता (कंपनी/ठेकेदार) के खिलाफ सख्त दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने घरों में रखे किराएदारों का भी सत्यापन अनिवार्य रूप से कराएं ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे।
