​जांजगीर-चांपा पुलिस में ‘युवा जोश’ का शंखनाद: 21 नए जांबाज संभालेंगे मैदानी कमान!

​जांजगीर-चांपा पुलिस में ‘युवा जोश’ का शंखनाद: 21 नए जांबाज संभालेंगे मैदानी कमान!


​IPS विजय कुमार पाण्डेय का गुरुमंत्र— “वर्दी का रौब नहीं, व्यवहार में संवेदनशीलता और काम में निष्पक्षता ही असली पुलिसिंग”
​जांजगीर-चांपा।
जिला पुलिस महकमे में कार्यक्षमता, तत्परता और सुरक्षा व्यवस्था को एक नया आयाम मिलने जा रहा है। राज्य पुलिस अकादमी, रायपुर के कड़े बुनियादी प्रशिक्षण की भट्टी में तपकर निकले 19 प्रशिक्षु उपनिरीक्षक (Sub-Inspectors) और 02 सूबेदार अब जांजगीर-चांपा की जमीनी पुलिसिंग को धार देंगे। पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा इन 21 युवा जांबाजों को 10 महीने के कड़े जिला व्यावहारिक प्रशिक्षण (Field Training) के लिए जिले में तैनात किया गया है। नए अधिकारियों की इस आमद से जिला पुलिस बल में एक अभूतपूर्व ऊर्जा का संचार हुआ है।
​एसपी की दोटूक: “फरियादी से शालीनता, अपराधियों पर कड़ा प्रहार”
​अधिकारियों की आमद के तत्काल बाद पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) ने एक उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक ली। एसपी ने युवा अधिकारियों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें वास्तविक पुलिसिंग के बुनियादी सिद्धांतों से रूबरू कराया।
​बैठक में पुलिस अधीक्षक ने दोटूक शब्दों में कड़ा संदेश दिया:
​”पुलिस का मुख्य ध्येय केवल अपराध रोकना नहीं, बल्कि पीड़ित को न्याय की अनुभूति कराना है। थाने की चौखट पर आने वाले हर पीड़ित, फरियादी और आवेदक के साथ आपका व्यवहार अत्यंत सौहार्दपूर्ण, सम्मानजनक और मानवीय होना चाहिए। आपकी संवेदनशीलता ही जनता में खाकी के प्रति विश्वास पैदा करेगी।”
​जमीन से आसमान तक… थानों से लेकर कोर्ट तक सीखेंगे हर हुनर
​इन युवा अधिकारियों को केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इन्हें खाकी की असली अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा। एसपी के निर्देश पर सभी प्रशिक्षुओं को जिले के विभिन्न थानों और चौकियों में तैनात कर दिया गया है, जहां वे वरिष्ठ अफसरों की निगरानी में पुलिसिंग के इन कड़े चक्रव्यूहों को भेदना सीखेंगे:
​क्राइम इन्वेस्टिगेशन का ककहरा: गंभीर अपराधों की विवेचना, मर्ग जांच और शिकायतों की बारीकी व निष्पक्षता से जांच।
​डिजिटल और जमीनी पुलिसिंग का तालमेल: सीसीटीएनएस (CCTNS) का डिजिटल संचालन, मोहरीर कार्य, संत्री ड्यूटी और मददगार की भूमिका।
​नाइट पेट्रोलिंग और कानून-व्यवस्था: रात के सन्नाटे में गश्त, चौक-चौराहों पर पेट्रोलिंग और वीआईपी व कानून-व्यवस्था ड्यूटी का व्यावहारिक कड़ा अनुभव।
​अदालती कड़ियाँ: अपराधियों को कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया (मुलजिम पेशी), न्यायालयीन कार्यवाही और बीट सिस्टम की कमान।
​तैयार होगी ‘जनोन्मुखी पुलिस’ की नई पौध
​इस 10 महीने के कड़े और व्यावहारिक प्रशिक्षण का एकमात्र संकल्प इन युवा अधिकारियों को एक दक्ष, अनुशासित, जनोन्मुखी और संकट के समय त्वरित निर्णय लेने में सक्षम अधिकारी के रूप में गढ़ना है।
​निष्कर्ष:
जांजगीर-चांपा जिले में इन ऊर्जावान और आधुनिक सोच से लैस अधिकारियों की तैनाती से न केवल कानून-व्यवस्था और अधिक चाक-चौबंद होगी, बल्कि अपराधियों में खौफ और आम जनता में सुरक्षा का भाव और अधिक सुदृढ़ होगा।

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