होली मिलन समारोह में पत्रकारों का सम्मान, चकरभाठा क्षेत्र में सामाजिक संस्थाओं की आपात बैठक—मुक्तिधाम, मंदिर और पत्रकार सुरक्षा पर उठे सवाल

बिलासपुर/चकरभाठा। श्रवण दुबे की रिपोर्ट /
होली पर्व के अवसर पर सामाजिक संस्थाओं एवं पत्रकारों के संयुक्त तत्वावधान में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा पत्रकारों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारों, समाजसेवियों और पुलिसकर्मियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
हालांकि चकरभाठा थाना क्षेत्र में होली के दिन कई स्थानों पर आपसी विवाद और झगड़ों की घटनाएं सामने आईं, जिसके चलते पूरे दिन थाना परिसर में भीड़भाड़ की स्थिति बनी रही। पुलिस द्वारा उपद्रवियों के खिलाफ लगातार संवैधानिक कार्रवाई की जाती रही। इसी कारण थाना स्टाफ का होली मिलन कार्यक्रम भी काफी देर बाद संक्षिप्त रूप में आयोजित किया गया।

इस दौरान प्रमुख रूप से पत्रकार संघ से जुड़े हरिभूमि के राजेंद्र डहरिया, मंगेश दुबे, पंडित श्रवण दुबे समुद्रशास्त्री, राजू सारथी सहित अनेक पत्रकार और समाजसेवी उपस्थित रहे। सभी ने पुलिसकर्मियों को होली की बधाई देते हुए शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

इसी बीच चकरभाठा थाना क्षेत्र के ग्राम तेलसरा में होली के दौरान दो परिवारों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना में दोनों पक्षों के कुछ लोग घायल हो गए। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन कर त्वरित कार्रवाई की मांग की। वहीं कुछ उपद्रवियों द्वारा आरोपी के घर के बाहर तोड़फोड़ भी की गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है तथा मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बैठक के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुख रूप से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार सुरक्षा से जुड़े नियम-कानून होने के बावजूद आए दिन पत्रकारों से अभद्र व्यवहार और धमकी की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसके बाद बिलासपुर-बोदरी क्षेत्र में सामाजिक संस्थाओं की एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें विश्व मानव परमार्थ ट्रस्ट, विश्व महालक्ष्मी महिला स्वयं सहायता समूह तथा अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में मंदिरों, आश्रमों, तालाबों और मुक्तिधामों की जर्जर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
संस्थाओं के पदाधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस द्वारा मुक्तिधामों की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए जाने के तीन माह बाद भी प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। इसे देखते हुए सामाजिक संस्थाओं ने स्थानीय सहयोग से “आदर्श मुक्तिधाम” के निर्माण और जीर्णोद्धार का संकल्प लिया है।
कार्यक्रम में क्राइम फ्री इंडिया मिशन एवं मानव परमार्थ ट्रस्ट के संयुक्त प्रयास से एक अधिकृत ऐप का भी विमोचन किया गया, जिसका उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा और जनसेवा से जुड़े कार्यों को डिजिटल माध्यम से मजबूत करना है।

इस अवसर पर संस्था के राष्ट्रीय संरक्षक वरिष्ठ पत्रकार पंडित श्रवण दुबे समुद्रशास्त्री ने कहा कि समाज में धर्म, संस्कृति और सनातन परंपराओं की रक्षा के साथ-साथ मंदिरों, आश्रमों, गौशालाओं और मुक्तिधामों की व्यवस्था सुधारना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि संस्था पूरे प्रदेश में जनजागरण अभियान चलाकर इन मुद्दों को ग्राम पंचायत से जिला स्तर तक उठाएगी।
बैठक में रामेश्वर पांडे उर्फ फक्कड़ बाबा, भवानी, नयन, मीना सहित कई नए पदाधिकारियों की घोषणा भी की गई। कार्यक्रम के अंत में बौद्धिक एवं योग गोष्ठी आयोजित कर समाज को मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान किया गया। साथ ही गौशालाओं की स्थिति सुधारने, तालाबों की साफ-सफाई और पत्रकार सुरक्षा के मुद्दे पर जल्द ही विधायक एवं प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया।

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