प्रखर सनातनी नेता राम सिंह ठाकुर के नेतृत्व में बिलासपुर में फूटा आक्रोश:
प्रखर सनातनी नेता राम सिंह ठाकुर के नेतृत्व में बिलासपुर में फूटा आक्रोश: जगद्गुरु रामभद्राचार्य पर अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में चरणदास महंत का फूंका पुतला।
बिलासपुर
समुद्र शास्त्री दैनिक (अमर स्तंभ) न्यूज
”सनातन और संतों का अपमान करने वालों को समाज कभी माफ नहीं करेगा”: राम सिंह ठाकुर
बिलासपुर: जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज के विरुद्ध की गई अमर्यादित टिप्पणी को लेकर न्यायधानी बिलासपुर में विरोध की ज्वाला भड़क उठी है। हिंदू हितों और सनातनी मूल्यों के लिए प्रखर रूप से आवाज उठाने वाले क्षेत्र के प्रतिष्ठित और जाने-माने सनातनी नेता श्री राम सिंह ठाकुर के मुख्य नेतृत्व में आज विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। बिलासपुर के मुख्य चौक पर उमड़े विशाल जनसमूह के बीच आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष चरणदास महंत के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला दहन किया।
संतों का सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: राम सिंह ठाकुर
पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन की कमान संभाल रहे मुख्य सूत्रधार श्री राम सिंह ठाकुर ने सभा को संबोधित करते हुए बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा:
”संत समाज और जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी जैसी महान विभूतियां हमारी सनातनी संस्कृति के आधार स्तंभ हैं। राजनीतिक स्वार्थ के वशीभूत होकर पूज्य संतों के खिलाफ अमर्यादित और असंवैधानिक भाषा का प्रयोग करना अत्यंत निंदनीय है। बिलासपुर का हिंदू समाज और संपूर्ण सनातनी ताकतें संतों के मान-सम्मान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं और ऐसी किसी भी ओछी राजनीति का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।”
विश्व हिंदू महासभा और विश्व हिंदू सेवा दल का मिला पूर्ण समर्थन
हिंदू धर्म की रक्षा और संतों के सम्मान की इस लड़ाई में श्री राम सिंह ठाकुर के आह्वान पर विश्व हिंदू महासभा और विश्व हिंदू सेवा दल के शीर्ष पदाधिकारी एवं प्रबुद्ध कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मैदान में उतरे। संगठनों के प्रमुखों ने राम सिंह ठाकुर के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज समाज को ऐसे ही निडर और धर्मनिष्ठ नेतृत्व की आवश्यकता है जो सनातन धर्म के मान-बिंदुओं पर होने वाले हर आघात के खिलाफ चट्टान की तरह खड़ा हो सके।
माफी की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान श्री राम सिंह ठाकुर और अन्य सहयोगी संगठनों ने साफ तौर पर मांग की है कि सार्वजनिक जीवन में शीर्ष पदों पर रहे नेताओं को अपनी वैचारिक मर्यादा नहीं भूलनी चाहिए। इस कृत्य के लिए उन्हें पूरे संत समाज और देश के करोड़ों सनातनी हिंदुओं से सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
प्रदर्शन के समापन पर उपस्थित पदाधिकारियों और जनमानस ने राम सिंह ठाकुर के नेतृत्व में गगनभेदी जयघोष किया और यह संकल्प लिया कि सनातन की रक्षा और संतों की गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए यह वैचारिक और सामाजिक संघर्ष आगे भी पूरी आक्रमकता के साथ जारी रहेगा।
