जैतखाम पर हमला बर्दाश्त नहीं: 72 घंटे में आरोपी सलाखों के पीछे, मुंगेली पुलिस की सख्ती से टूटी साजिश

जैतखाम पर हमला बर्दाश्त नहीं: 72 घंटे में आरोपी सलाखों के पीछे, मुंगेली पुलिस की सख्ती से टूटी साजिश


लोरमी/मुंगेली।
ग्राम झझपुरी में 16–17 जनवरी की दरम्यानी रात ठाकुर देव चौक स्थित जैतखाम को आग के हवाले करना केवल आगजनी नहीं, बल्कि सतनामी समाज की आस्था, अस्मिता और सामाजिक सौहार्द पर सीधा हमला था। इस कायराना हरकत से पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया था और समाज में भारी आक्रोश उभरकर सामने आया।

घटना के बाद सतनामी समाज ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी थी कि यदि आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। समाज के इस दबाव और जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुंगेली पुलिस ने बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई कर 72 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिससे यह साफ संदेश गया कि कानून हाथ में लेने वालों के लिए इस जिले में कोई जगह नहीं है।
पुलिस कप्तान के नेतृत्व में चला सख्त अभियान
पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के सीधे निर्देशन में अलग-अलग टीमें गठित की गईं। तकनीकी साक्ष्यों और जमीनी सूचना तंत्र को सक्रिय किया गया। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की गई।
सीसीटीवी बना सबूत, आरोपी की पहचान उजागर
मेडिकल स्टोर के सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति जैकेट पहनकर घटनास्थल से भागते हुए कैद हुआ। ग्रामीणों ने उसके चलने के तरीके, कद-काठी और हुलिए के आधार पर उसकी पहचान राजेश साहू (35 वर्ष) के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पूछताछ में कबूलनामा, रंजिश की पोल खुली
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि जयंती कार्यक्रम के दौरान समाज के कुछ लोगों से हुए विवाद और मारपीट का बदला लेने की नीयत से उसने जैतखाम में आग लगाई, ताकि समाज में भय और तनाव का माहौल बनाया जा सके। आरोपी का यह कबूलनामा उसकी मानसिकता और मंशा को पूरी तरह उजागर करता है।
केरोसिन, माचिस और कपड़े बरामद — अपराध की पुख्ता कड़ी
पुलिस ने आरोपी के घर से मिट्टी तेल (केरोसिन), माचिस तथा चेहरा छिपाने में इस्तेमाल किए गए कपड़े बरामद कर लिए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
एसपी का स्पष्ट संदेश: आस्था से खिलवाड़ करने वालों को कुचल दिया जाएगा
पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने साफ शब्दों में कहा कि
“धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। कानून अपना काम करेगा और सख्ती से करेगा।”
उन्होंने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील भी की।
समाज का आक्रोश, प्रशासन पर भरोसा
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सतनामी समाज में आक्रोश भले शांत हुआ हो, लेकिन समाज ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में जैतखाम या धार्मिक प्रतीकों पर हमला हुआ तो आंदोलन और तेज होगा। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम में मुंगेली पुलिस की तत्परता ने प्रशासन के प्रति समाज का भरोसा मजबूत किया है।

अन्य खबरें