समितियों में खरीदी लिमिट बढ़ी, अब प्रति दिन अधिक धान खरीदी संभव जिले में 43 लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदी, 90 हजार किसानों ने किया विक्रय माइक्रो एटीएम व चेक से आसान भुगतान व्यवस्था किसानों को 994 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
समितियों में खरीदी लिमिट बढ़ी, अब प्रति दिन अधिक धान खरीदी संभव
जिले में 43 लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदी, 90 हजार किसानों ने किया विक्रय
माइक्रो एटीएम व चेक से आसान भुगतान व्यवस्था
किसानों को 994 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान

मुंगेली, 18 जनवरी 2026// शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिले के 105 उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता एवं सुव्यवस्थित ढंग से जारी है। किसानों को धान विक्रय में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसे ध्यान में रखते हुए जिले की सभी समितियों में खरीदी लिमिट में वृद्धि की गई है। साथ ही प्रतिदिन खरीदी की सीमा भी बढ़ा दी गई है, जिससे खरीदी कार्य तेज और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो रहा है।
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार धान उपार्जन कार्य सुचारू रूप से संचालित है। टोकन काटने की प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी है और किसानों को धान विक्रय में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या नहीं हो रही है।
जिला खाद्य अधिकारी श्री हुलेश डड़सेना ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत जिले की 66 समितियों के 105 खरीदी केन्द्रों में 01 लाख 10 हजार 900 से अधिक किसान पंजीकृत हैं। अब तक 90 हजार से अधिक किसानों ने धान का विक्रय किया है। जिले में कुल 43 लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदी की जा चुकी है, जिसमें मोटा 23 लाख 72 हजार 486 क्विंटल, पतला 134 क्विंटल एवं सरना 18 लाख 95 हजार 496 क्विंटल शामिल है।
उपार्जन केन्द्रों से धान का उठाव लगातार जारी है और अब तक 27 लाख 85 हजार क्विंटल से अधिक धान का उठाव किया जा चुका है। धान विक्रय करने वाले किसानों को माइक्रो एटीएम एवं चेक के माध्यम से त्वरित भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक किसानों को 994 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। प्रतिदिन लगभग 03 हजार किसानों को करीब 12 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है।
अवैध भंडारण व परिवहन पर सख्त निगरानी
कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले की सीमाओं एवं चेक पोस्ट पर चौकसी बढ़ाई गई है। संदिग्ध वाहनों एवं परिवहन गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कोचियों एवं बिचौलियों के माध्यम से अवैध धान खपाने पर रोक लगाने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है, जिससे खरीदी, भंडारण एवं परिवहन की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।
