प्रशासनिक मुस्तैदी और रतनपुर थाना प्रभारी नीलेश पांडे की सूझबूझ से टला बड़ा सांप्रदायिक विवाद: निजी लड़ाई को धार्मिक रंग देने की कोशिश नाकाम, पुलिस की सजगता की चौतरफा सराहना।

प्रशासनिक मुस्तैदी और रतनपुर थाना प्रभारी नीलेश पांडे की सूझबूझ से टला बड़ा सांप्रदायिक विवाद: निजी लड़ाई को धार्मिक रंग देने की कोशिश नाकाम, पुलिस की सजगता की चौतरफा सराहना।

छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी रतनपुर में दो व्यवसायियों के बीच उत्पन्न हुए व्यक्तिगत व आपराधिक विवाद को सांप्रदायिक मोड़ देने के प्रयास को स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने अत्यंत संजीदगी एवं तत्परता से विफल कर दिया। रतनपुर थाना प्रभारी नीलेश पांडे की दूरदर्शिता, प्रशासनिक सूझबूझ और कड़े कानून-व्यवस्था प्रबंधन की बदौलत धार्मिक नगरी में गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द पूरी तरह कायम रहा, जिसकी क्षेत्र में चौतरफा प्रशंसा हो रही है।
विवाद की पृष्ठभूमि और संवैधानिक कार्यवाही
विवाद का आरंभ 22 अगस्त 2026 को दो स्थानीय दुकानदारों—रेहाना बेगम तथा राजा पटेल—के मध्य चोरी के संशय और आपसी लेन-देन को लेकर हुआ था। आपसी बातचीत के दौरान बात बढ़ी और मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसमें राजा पटेल के रिश्तेदार ईश्वर प्रधान भी घायल हुए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रतनपुर पुलिस ने तत्काल प्रभाव से निष्पक्ष संवैधानिक कार्यवाही की। पुलिस द्वारा सुसंगत धाराओं एवं एससी/एसटी (अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत करते हुए आरोपी रेहाना बेगम को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था।
मंदिर न्यास का नोटिस एवं बजरंग दल का प्रदर्शन
आपसी विवाद के बाद महामाया मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन द्वारा 28 अगस्त को मंदिर प्रांगण की शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से चार व्यवसायियों—रेहाना बेगम, राजा पटेल, ईश्वर प्रधान एवं राजू शर्मा (गीता प्रिंटिंग प्रेस)—को 7 दिवस के भीतर दुकान रिक्त करने का नोटिस जारी किया गया।
इस प्रशासनिक निर्णय के विरोध में 30 अगस्त को बजरंग दल द्वारा महामाया चौक से मंदिर ट्रस्ट कार्यालय तक एक रैली का आयोजन किया गया। प्रदर्शनकारियों द्वारा मंदिर न्यास को चार सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें:
मंदिर परिसर में गैर-हिंदू व्यवसायियों के प्रवेश एवं व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिबंध।
पूजन सामग्री व तेल विक्रय का अधिकार गैर-हिंदुओं को न देने।
राजू शर्मा की दुकान खाली कराने का आदेश निरस्त करने (चूंकि दुकान नगर पालिका परिषद की सीमा में स्थित है)।
धार्मिक साहित्य हेतु गीता प्रेस की दुकान यथावत आवंटित रखने की मांग शामिल थी।
प्रशासनिक हस्तक्षेप और मंदिर न्यास के ट्रस्टी संतोष शर्मा द्वारा स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद मंदिर समिति ने राजू शर्मा सहित तीनों हिंदू व्यवसायियों के नोटिस निरस्त करने पर अपनी सहमति व्यक्त की।

थाना प्रभारी नीलेश पांडे का कुशल नेतृत्व और प्रशासनिक भूमिका
संपूर्ण घटनाक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने में रतनपुर थाना प्रभारी नीलेश पांडे की रणनीतिक कार्यशैली अत्यंत महत्वपूर्ण रही। थाना प्रभारी पांडे ने कानून-व्यवस्था को प्रभावित किए बिना अत्यंत संवेदनशीलता के साथ स्थिति को संभाला। बिलासपुर ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह, कोटा उप-विभागीय दंडाधिकारी (SDM) प्रवेश पैकरा और तहसीलदार सोनू अग्रवाल की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया को सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराया गया।
थाना प्रभारी नीलेश पांडे ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में स्पष्ट किया कि यह मूलतः दो व्यक्तियों के बीच का निजी व व्यावसायिक विवाद था, जिस पर पुलिस पूर्व में ही कठोर वैधानिक कार्यवाही कर चुकी है। उन्होंने संवाद और कड़े कानून-व्यवस्था प्रबंधन के जरिए असामाजिक तत्वों द्वारा मामले को बड़ा हिंदू-मुस्लिम विवाद बनाने के प्रयास पर पूर्ण विराम लगा दिया।
प्रशासन और विशेष रूप से थाना प्रभारी नीलेश पांडे की इस सतर्कता और सूझबूझ की सर्वत्र सराहना की जा रही है, जिससे रतनपुर की ऐतिहासिक शांति, भाईचारा और शांति व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित रही।
