चकरभाठा मार्केट राम मंदिर बिलासपुर में आपातकालीन चिकित्सा एवं जनसुरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली पर उठे प्रश्न: समय पर सहायता न मिलने से बढ़ा जोखिम।
चकरभाठा मार्केट राम मंदिर बिलासपुर में आपातकालीन चिकित्सा एवं जनसुरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली पर उठे प्रश्न: समय पर सहायता न मिलने से बढ़ा जोखिम
थाना प्रभारी चकरभाठा भावेश सेंडे के त्वरित प्रशासनिक हस्तक्षेप से सुरक्षित सिम्स अस्पताल पहुंचाया गया पीड़ित नागरिक
बिलासपुर जिले के व्यस्तम व्यावसायिक क्षेत्र चकरभाठा बाजार स्थित राम मंदिर परिसर के समीप आज प्रातःकाल एक अज्ञात नागरिक अत्यंत गंभीर एवं असहाय अवस्था में पाया गया। स्थल स्थिति को देखते हुए विश्व हिंदू सेवा दल (युवा प्रकोष्ठ), छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष एवं स्थानीय व्यवसायी सतीश वाधवानी ने नागरिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए त्वरित पहल की।
उन्होंने तत्काल शासकीय आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा 108 एवं राज्य पुलिस आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवा डायल 112 के नियंत्रण कक्ष को सूचित कर अविलंब सहायता एवं रोगी वाहन उपलब्ध कराने का औपचारिक अनुरोध किया।
आपातकालीन सेवाओं में विलंब एवं नियंत्रण कक्ष का रवैया:
संबद्ध आपातकालीन तंत्र की निर्धारित प्रतिक्रिया समयसीमा के विपरीत, लगभग डेढ़ घंटे तक 108 सेवा और लगभग आधे घंटे तक 112 आपातकालीन वाहन घटना स्थल पर अनुपलब्ध रहे। सतीश वाधवानी द्वारा डायल 108 पर संपर्क किए जाने पर नियंत्रण कक्ष से अलग-अलग क्षेत्रों में गाड़ियां व्यस्त होने का हवाला दिया जाता रहा, जिसके कारण मौके पर तत्काल सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी।
थाना प्रभारी का त्वरित हस्तक्षेप एवं प्रशासनिक समन्वय:
पीड़ित के स्वास्थ्य में निरंतर हो रही गिरावट के दृष्टिगत, सतीश वाधवानी ने चकरभाठा थाना प्रभारी भावेश सेंडे से दूरभाष पर संपर्क साधकर स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया। थाना प्रभारी भावेश सेंडे ने प्रकरण की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए त्वरित प्रशासनिक कदम उठाए, जिसके परिणामस्वरूप डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पीड़ित को उपचार हेतु शासकीय सिम्स अस्पताल, बिलासपुर भिजवाया गया।
संवैधानिक अधिकारों एवं उत्तरदायित्व पर ध्यानाकर्षण:
घटनाक्रम के संबंध में सतीश वाधवानी ने जानकारी दी और उन्होंने अपने भाव प्रकट किया कि नागरिकों के जीवन रक्षा एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के अधिकार भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 (प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार) के मूल सिद्धांतों में समाहित हैं। उन्होंने कहा कि शासकीय आपातकालीन सेवाओं की इस प्रकार की शिथिलता से जनसाधारण की सुरक्षा प्रभावित होती है, जिसे प्रशासनिक स्तर पर प्राथमिकता से सुधारा जाना आवश्यक है।
विश्व हिंदू सेवा दल द्वारा जिला प्रशासन बिलासपुर एवं राज्य स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया गया है कि आपातकालीन रिस्पॉन्स नियंत्रण कक्ष की इस कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सेवा वितरण प्रणालियों की जवाबदेही तय हो सके और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो।
घटना स्थल: राम मंदिर के पास, चकरभाठा बाजार, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)।
सूचनाकर्ता व नागरिक पहल: सतीश वाधवानी (व्यवसायी एवं प्रदेश अध्यक्ष, युवा प्रकोष्ठ – विश्व हिंदू सेवा दल)
प्रशासनिक हस्तक्षेप: भावेश सेंडे (थाना प्रभारी, पुलिस थाना चकरभाठा, बिलासपुर)।
आपातकालीन प्रतिक्रिया स्थिति: 108 नियंत्रण कक्ष द्वारा अन्य क्षेत्रों में वाहन व्यस्त होने का हवाला दिए जाने के कारण 1.5 घंटे तक एम्बुलेंस अनुपलब्ध रही; डायल 112 सेवा में भी प्राथमिक विलंब।
त्वरित उपचार कार्रवाई: थाना प्रभारी के समन्वय से 112 वाहन द्वारा पीड़ित को शासकीय सिम्स अस्पताल स्थानांतरित किया गया।
