पूर्व भीम आर्मी प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार जांगड़े ने अनोखे अंदाज में मनाया 40वां जन्मदिन: विद्यार्थियों को बांटी संविधान की प्रतियां, गिरौदपुरी धाम में लिया आशीर्वाद
सारंगढ़ (छत्तीसगढ़)। भीम आर्मी छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार जांगड़े ने अपने 40वें जन्मदिन को बेहद सादगी, सामाजिक सरोकार और अनोखे अंदाज में मनाया। उन्होंने अपने शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों को भारत के संविधान की प्रतियां (संविधान पुस्तिका) एवं प्रस्तावना पोस्टर वितरित कर शिक्षा और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूक किया।

बचपन के स्कूलों से की शुरुआत
राजकुमार जांगड़े ने अपने जन्मदिवस की शुरुआत अपनी प्राथमिक शिक्षा के केंद्र—गृह ग्राम बरभांठा ‘अ’ के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला छिंद से की, जहाँ उन्होंने 5वीं और 8वीं के विद्यार्थियों को 20-20 नग संविधान पुस्तिकाएं बांटीं। इसके अलावा उन्होंने होली मदर इंग्लिश मीडियम स्कूल में भी संविधान वितरित किया।

शैक्षणिक संस्थानों और प्रशासन को भेंट की संविधान पुस्तिकाएं
अपनी इस पहल को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने:
पीएम श्री सेजस सारंगढ़: प्राचार्य श्री एल. पी. पटेल को विद्यार्थियों के लिए 40 नग संविधान पुस्तिकाएं तथा स्कूल परिसर में लगाने हेतु संविधान की प्रस्तावना का पोस्टर भेंट किया।
शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला सारंगढ़: छात्राओं को अपने हाथों से 40 नग संविधान पुस्तिकाएं वितरित कीं।
शासकीय लोचन प्रसाद पांडे महाविद्यालय: प्राचार्य डॉ. लोकेश्वर पटेल को संविधान की प्रति और प्रस्तावना पोस्टर प्रदान किया।
जिला प्रशासन: सारंगढ़-बिलाईगढ़ की संवेदनशील कलेक्टर श्रीमती पदमिनी भोई साहू से मुलाकात कर उन्हें संविधान की प्रति एवं कलेक्ट्रेट परिसर हेतु प्रस्तावना पोस्टर भेंट किया। कलेक्टर महोदया ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।

वृद्धाश्रम में लिया आशीर्वाद
सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए उन्होंने ग्राम कुधरी स्थित वृद्धाश्रम पहुंचकर वहां मौजूद बुजुर्ग माताओं और वरिष्ठों का आशीर्वाद प्राप्त किया।

”बाबा साहेब का संघर्ष और शिक्षा ही सच्ची प्रेरणा”: राजकुमार जांगड़े
अपने 40वें जन्मदिन के अवसर पर राजकुमार जांगड़े ने कहा, “विश्व रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर जी को बचपन में स्कूल के बाहर बैठकर पढ़ना पड़ा था, लेकिन अपने कठिन संघर्ष और ईमानदारी के बल पर उन्होंने 32 डिग्रियां हासिल कीं और 2 साल 11 माह 18 दिन के अथक परिश्रम से दुनिया का सबसे बेहतरीन संविधान तैयार किया। आज के छात्र-छात्राएं डॉ. आंबेडकर के संघर्ष से प्रेरणा लेकर अपनी पढ़ाई में कोई कमी न छोड़ें, इसी उद्देश्य से उन्हें संविधान की प्रतियां बांटी गई हैं।”

गिरौदपुरी धाम में मत्था टेका
दिन के उत्तरार्ध में राजकुमार जांगड़े ‘मनखे-मनखे एक समान’ का संदेश देने वाले महान संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी की पावन तपोभूमि गिरौदपुरी धाम पहुंचे और बाबा जी के चरणों में नमन कर आशीर्वाद लिया।

इस पूरे गरिमामय आयोजन के दौरान उनकी माता श्रीमती बोटबाई जांगड़े, पिता श्री सहदेव जांगड़े और गिरौदपुरी धाम में अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
