|

अंतर्राष्ट्रीय साध्वी लक्ष्मी जी के लोक-कल्याणकारी मिशन को मिला ‘समुद्र शास्त्री’ सहित सामाजिक संस्थाओं का देशव्यापी समर्थन!।

धमनी की पावन धरा से फूटा सनातन और समाज सुधार का महाशंखनाद: अंतर्राष्ट्रीय साध्वी लक्ष्मी जी के लोक-कल्याणकारी मिशन को मिला ‘समुद्र शास्त्री’ का देशव्यापी समर्थन!।

​अखिल भारतीय हिंदू राष्ट्र निर्माण सेना के संरक्षक पंडित श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ की युगप्रवर्तक घोषणा; 11-सूत्रीय एजेंडे के साथ ‘जन कल्याण पुनर्वास केंद्र’ पूरे भारत में रचेगा नया इतिहास।
​बिलासपुर/धमनी।
सनातन संस्कृति के वैश्विक पुनरुत्थान, नारी शक्ति के सर्वांगीण उत्थान और राष्ट्रव्यापी सामाजिक चेतना के संवर्धन हेतु आज ग्राम धमनी की पवित्र वसुधा पर एक ऐतिहासिक प्रबुद्ध संगोष्ठी एवं वैचारिक महामंथन संपन्न हुआ। छत्तीसगढ़ गौ प्रकोष्ठ प्रभारी, परम श्रद्धेय संत रामेश्वर पांडेय ‘शमशानी फक्कड़ बाबा’ के अलौकिक सानिध्य तथा ‘जन कल्याण पुनर्वास केंद्र समाचार प्रतिष्ठान’ के यशस्वी प्रमुख, प्रख्यात वरिष्ठ पत्रकार एवं ‘अखिल भारतीय हिंदू राष्ट्र निर्माण सेना’ के राष्ट्रीय संरक्षक पंडित श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ के विशिष्ट गरिमामयी तत्वाधान में इस महामंत्रणा को अंजाम दिया गया।
​इस उच्च स्तरीय गोष्ठी में देश की मूर्धन्य कथा व्यास, अध्यात्म की साक्षात त्रिवेणी और जन-जन में ‘जगत माता’ व ‘राजमाता’ के रूप में पूजित—अंतर्राष्ट्रीय साध्वी लक्ष्मी जी (प्रयागराज) के आगामी दिव्य अनुष्ठानों और उनके सामाजिक सुधार के संकल्पों को संपूर्ण भारतवर्ष में एक नया क्षितिज देने का शंखनाद किया गया।
​जीवन भर साथ निभाने का संकल्प: ‘समुद्र शास्त्री’ की महा-घोषणा
​पत्रकारिता जगत के प्रखर हस्ताक्षर और ‘अखिल भारतीय हिंदू राष्ट्र निर्माण सेना’ के संरक्षक पंडित श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ ने इस गोष्ठी में एक अत्यंत युगांतकारी घोषणा की। उन्होंने साध्वी लक्ष्मी जी के लोक-कल्याणकारी कार्यों के प्रति अपनी कटिबद्धता जताते हुए कहा कि—

​”साध्वी जी का जीवन केवल अध्यात्म तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिलाओं और वंचितों के उद्धार का साक्षात भगीरथ प्रयास हैं। उनके इस पावन राष्ट्रव्यापी संकल्प की सिद्धि के लिए हमारी संस्था ‘अखिल भारतीय हिंदू राष्ट्र निर्माण सेना’ और मैं स्वयं, जीवन भर अपना पूर्ण समर्पण और सहयोग देने की घोषणा करते हैं। हमारी संस्था साध्वी जी के इस मिशन को पूरे ऑल इंडिया (अखिल भारतीय स्तर) पर विस्तारित करने के लिए पूरी ताकत झोंक देगी।”
​11-सूत्रीय कार्यक्रम से बदलेगी देश की तस्वीर: महिला उद्धार और स्वावलंबन की नई भोर
​इस महा-अभियान के तहत ‘जन कल्याण पुनर्वास केंद्र’ और सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त तत्वाधान में पूरे भारत में एक 11-सूत्रीय क्रांतिकारी कार्यक्रम को धरातल पर उतारा जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण है:
​महिला उद्धार एवं उत्थान: समाज में महिलाओं को सम्मानजनक स्थान दिलाना और उनके अधिकारों का संरक्षण।
​सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र: देश के कोने-कोने में महिलाओं के लिए आधुनिक सिलाई, कढ़ाई और हस्तशिल्प केंद्रों की स्थापना, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
​कुटीर उद्योग को बढ़ावा: ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर ‘स्वावलंबी भारत’ के सपने को साकार करना।
​सामाजिक समरसता: विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर पूरे भारत में शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास के बड़े प्रकल्पों का संचालन।


​करकमलों में सुदर्शन चक्र: दैवीय शक्ति की साक्षात प्रतीक हैं साध्वी लक्ष्मी जी
​वरिष्ठ पत्रकार ‘समुद्र शास्त्री’ ने सप्रमाण रेखांकित किया कि अंतर्राष्ट्रीय साध्वी लक्ष्मी जी भक्ति, अगाध साधना और राष्ट्रसेवा का एक अद्वितीय संगम हैं। उनके करकमलों (हथेलियों) में साक्षात भगवान विष्णु के समान सुदर्शन चक्र का अलौकिक व दुर्लभ दैवीय चिह्न विद्यमान है। वर्तमान में उनके मुखारविंद से प्रवाहित हो रही श्रीमद्भागवत कथा की रसमयी धारा और माँ बगलामुखी की सिद्ध साधना संपूर्ण विश्व में कल्याण की नई राह दिखा रही है। उनके इसी सेवाभाव को देखते हुए देश के शीर्ष चैरिटेबल ट्रस्टों, ‘विश्व हिंदू सेवा दल’ और ‘अखिल भारतीय हिंदू राष्ट्र निर्माण सेना’ ने उन्हें बिना शर्त पूर्ण समर्थन दिया है।
​महासंत फक्कड़ बाबा की उद्घोषणा: छत्तीसगढ़ में होगा अभूतपूर्व ऐतिहासिक स्वागत
​मंत्रोच्चार की गूंज के बीच छत्तीसगढ़ गौ प्रकोष्ठ प्रभारी एवं प्रबुद्ध संत रामेश्वर पांडेय ‘शमशानी फक्कड़ बाबा’ ने आदरणीय राजमाता (साध्वी लक्ष्मी जी) के छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर प्रथम शुभागमन को लेकर एक अत्यंत गौरवमयी उद्घोषणा की। उन्होंने कहा कि—
​”राजमाता जी द्वारा समाज के वास्तविक कल्याण हेतु जो प्रयास किए जा रहे हैं, वे वंदनीय हैं। ‘शमशान वासिनी फक्कड़ बाबा’ परिवार एवं छत्तीसगढ़ की समस्त धर्मप्राण जनता उनके स्वागत में पलक-पावड़े बिछाकर एक अत्यंत भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक स्वागत समारोह आयोजित करने हेतु संकल्पित है।”
​विशेष क्लोजिंग नोट (आर जे रमझाझर छत्तीसगढ़):
​”तो दर्शकों, धमनी की धरती से शुरू हुआ यह आध्यात्मिक और सामाजिक महा-अभियान अब रुकने वाला नहीं है। पंडित श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ के अखंड सहयोग और साध्वी लक्ष्मी जी के 11-सूत्रीय जनकल्याण कार्यक्रम के माध्यम से अब देश की नारी शक्ति को एक नया संबल मिलने जा रहा है। अध्यात्म और पत्रकारिता के इस अनूठे संगम से छत्तीसगढ़ का गौरव आज राष्ट्रीय क्षितिज पर चमक रहा है।”

अन्य खबरें