शिवसेना का ‘गौ रक्षा महा-हस्ताक्षर अभियान’ तेज, 27 अप्रैल को मुख्यमंत्री के नाम सौपेंगे ज्ञापन

शिवसेना का ‘गौ रक्षा महा-हस्ताक्षर अभियान’ तेज, 27 अप्रैल को मुख्यमंत्री के नाम सौपेंगे ज्ञापन
​बलौदाबाजार | आर. जे. रमझाझर शिवसेना द्वारा गौ माता के संरक्षण और उनके अधिकारों को लेकर चलाया जा रहा ‘महा-हस्ताक्षर अभियान’ अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। जिले में इस अभियान की कमान संभाल रहे शिवसेना जिला सचिव दिलीप चतुरे ने बताया कि संगठन की मांगें न केवल गौवंश की सुरक्षा से जुड़ी हैं, बल्कि उनके सम्मान को पुनर्स्थापित करने के लिए भी हैं।
​📌 प्रमुख मांगें और अभियान का उद्देश्य
​अभियान के माध्यम से शिवसेना ने शासन-प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मुख्य बिंदु रखे हैं:
​राज्य माता का दर्जा: गौमाता को आधिकारिक रूप से ‘राज्य माता’ घोषित किया जाए।
​कठोर कानून: गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगे और दोषियों पर ‘हत्या’ का मुकदमा दर्ज हो।
​तस्करी पर लगाम: तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को तत्काल राजसात (Confiscate) किया जाए।
​गौठान से गौशाला तक: गांवों में स्थित गौठानों को विधिवत गौशाला का स्वरूप दिया जाए।
​रोजगार और सुरक्षा: घुमंतू गौवंश की सुरक्षा हेतु प्रत्येक गौशाला में कलेक्टर दर पर दो गौ सेवकों की नियुक्ति की जाए।
​📝 3 जुलाई से जारी है प्रदेशव्यापी मुहिम
​इस अभियान की नींव 3 जुलाई को शिवसेना प्रदेश प्रमुख धनंजय सिंह परिहार द्वारा रायपुर में रखी गई थी। दुर्ग संभाग से शुरू हुआ यह कारवां अब पूरे प्रदेश में फैल चुका है। शिवसैनिक न केवल घर-घर दस्तक दे रहे हैं, बल्कि प्रमुख चौराहों पर स्टॉल लगाकर भी जनसमर्थन जुटा रहे हैं।
​”जनता का व्यापक समर्थन इस बात का प्रमाण है कि गौ रक्षा समाज की प्राथमिकता है। अब तक हजारों लोग इस मुहिम से जुड़ चुके हैं।”
— दिलीप चतुरे, जिला सचिव (शिवसेना)
​🏛️ 27 अप्रैल को शक्ति प्रदर्शन और ज्ञापन
​अभियान के अगले चरण के तहत, आगामी 27 अप्रैल को शिवसेना का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधीश (कलेक्टर) से मुलाकात करेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें हजारों नागरिकों के हस्ताक्षरों वाली प्रतियां संलग्न की जाएंगी।
​✅ अभियान का अब तक का प्रभाव
​शिवसेना के इस निरंतर दबाव का असर प्रशासनिक गलियारों में भी देखने को मिल रहा है:
​राज्य सरकार द्वारा गौ-सुरक्षा पर उच्च स्तरीय बैठकें आयोजित की गईं।
​सरकार द्वारा ‘गौधाम’ निर्माण की घोषणा की गई।
​प्रशासनिक स्तर पर गौ-सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है।
​शिवसेना ने स्पष्ट किया है कि जब तक गौवंश को पूर्ण सुरक्षा और सम्मान नहीं मिल जाता, यह संघर्ष जारी रहेगा।

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