|

मल्हार महोत्सव की वापसी: संस्कृति, कला और परंपरा का संगम 28-29 मार्च को

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से पुनः जीवंत होगा ऐतिहासिक उत्सव…

केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू करेंगे शुभारंभ, दो दिन गूंजेंगी लोक-शास्त्रीय प्रस्तुतियां…

बिलासपुर, छत्तीसगढ़। 27 मार्च 2026

ऐतिहासिक नगरी मल्हार में 08 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ‘मल्हार महोत्सव’ की भव्य वापसी होनें जा रही है, 28 एवं 29 मार्च 2026 को आयोजित होनें वाला यह दो दिवसीय महोत्सव क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और शास्त्रीय कला का अद्वितीय संगम प्रस्तुत करेगा, आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का माहौल है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर इस पारंपरिक उत्सव को पुनः प्रारंभ किया गया है, केंद्रीय राज्य मंत्री एवं स्थानीय सांसद तोखन साहू के अनुरोध पर इसकी पुनः शुरुआत की घोषणा की गई थी, महोत्सव का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के मुख्य आतिथ्य में होगा, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री अरुण साव करेंगे।

विशिष्ट अतिथियों में विधायक अमर अग्रवाल (बिलासपुर), धर्मजीत सिंह (तखतपुर), सुशांत शुक्ला (बेलतरा), धरमलाल कौशिक (बिल्हा), दिलीप लहरिया (मस्तूरी), अटल श्रीवास्तव (कोटा), क्रेडा के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी एवं नगर पंचायत मल्हार की अध्यक्ष श्रीमती धनेश्वरी कैंवर्त सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

मेला ग्राउंड में आयोजित इस महोत्सव में प्रतिदिन शाम 05:30 बजे से रात 11:00 बजे तक विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी, कार्यक्रमों में लोक एवं शास्त्रीय कला का अनूठा समागम देखनें को मिलेगा, जिसमें प्रदेश के ख्यातनाम कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।

28 मार्च को प्रमुख आकर्षण:
करमा नृत्य (जय माता दी करमा दल, बेलतरा), पंथी नृत्य (हमर ज्योति पंथी पार्टी, मुंगेली), शास्त्रीय संगीत (डॉ. तोपराज पटेल), ओडिसी नृत्य (सृष्टि अंचल पाण्डेय, बिलासपुर), स्वाति सोनी लोककला मंच, शिवकुमार तिवारी एवं साथियों की प्रस्तुति तथा सुनील सोनी स्टार नाइट ऑर्केस्ट्रा।

29 मार्च को प्रमुख आकर्षण:
डंडा नृत्य (मातारानी लोककला दल, बेलतरा), गायन (कनक साहू), युवराज सिंह लोनिया एवं समूह, राऊत नाचा (मायाचारी राऊत नृत्य दल, तखतपुर), गंगा के लहर लोककला मंच, पद्मश्री डॉ. भारती बंधुओं का कार्यक्रम तथा नितिन दुबे सुपर स्टार नाइट ऑर्केस्ट्रा।

मल्हार महोत्सव का पुनः आयोजन न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देगा, बल्कि स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा।

अन्य खबरें