जनदर्शन से हाईकोर्ट तक बेनकाब हुआ अवैध निर्माण, याचिका खारिज होते ही प्रशासन का बुलडोज़र एक्शन

जनदर्शन से हाईकोर्ट तक बेनकाब हुआ अवैध निर्माण, याचिका खारिज होते ही प्रशासन का बुलडोज़र एक्शन
मुंगेली।
कानून को ठेंगा दिखाकर किए गए अवैध निर्माण पर आखिरकार जिला प्रशासन का हथौड़ा चला। शहर के पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे अतिक्रमण को लेकर शुक्रवार सुबह प्रशासन ने सख़्त रुख अपनाते हुए बुलडोज़र कार्रवाई की। प्रशासन, नगर पालिका और नजूल विभाग की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अपोलो फार्मेसी परिसर में बने अवैध ढांचे को जमींदोज कर दिया।
कलेक्टर जनदर्शन में पहुंची शिकायत, प्रशासन ने दिखाई तत्परता
किशोर बैरागी द्वारा कलेक्टर जनदर्शन में की गई शिकायत को जिला प्रशासन ने हल्के में नहीं लिया। शिकायत में स्पष्ट रूप से आरोप था कि दुकान स्वामिनी रुचि जैन (पति गौतम जैन) ने स्वीकृत सीमा से अधिक शासकीय भूमि पर कब्जा कर अवैध निर्माण कराया है। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल नगर पालिका और नजूल विभाग को संयुक्त जांच के निर्देश दिए।
नोटिस के बाद भी नहीं दिखा पाए वैध दस्तावेज
जांच के दौरान प्रशासन ने नियमानुसार नोटिस जारी किए, लेकिन दुकान मालिक पक्ष बार-बार अवसर मिलने के बावजूद निर्माण को वैध ठहराने वाले दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहा। यह स्पष्ट हो गया कि अवैध निर्माण केवल रसूख और दबाव के सहारे खड़ा किया गया था।
हाईकोर्ट ने भी नहीं दिया संरक्षण, याचिका खारिज
मामला जब उच्च न्यायालय पहुंचा, तब भी भूमि स्वामित्व और निर्माण की वैधता को लेकर कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया जा सका। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से याचिका खारिज करते हुए प्रशासन को नियमों के अनुसार सख़्त कार्रवाई करने की खुली छूट दी। कोर्ट के इस फैसले ने यह साफ कर दिया कि कानून के आगे कोई भी प्रभाव या सिफारिश काम नहीं आती।
सुबह-सुबह बुलडोज़र कार्रवाई, कानून व्यवस्था रही चाक-चौबंद
हाईकोर्ट के आदेश मिलते ही शुक्रवार तड़के प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इसके बाद बुलडोज़र चलाकर अवैध निर्माण को कुछ ही मिनटों में धराशायी कर दिया गया।
अतिक्रमणकारियों में मचा हड़कंप, प्रशासन का साफ संदेश
इस निर्णायक कार्रवाई के बाद शहर के अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने दो टूक कहा है कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। कानून तोड़ने वालों के लिए न कोई सहानुभूति होगी, न कोई छूट।

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