जनकल्याण पुनर्वास केंद्र के अंतर्गत योग सेंटर का शुभारंभ, ब्रह्माकुमारी वंदना राय ने दिया सरल जीवन का संदेश

जनकल्याण पुनर्वास केंद्र के अंतर्गत योग सेंटर का शुभारंभ, ब्रह्माकुमारी वंदना राय ने दिया सरल जीवन का संदेश


बिलासपुर।
जनकल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस, बोदरी तहसील इकाई के तत्वाधान में योग एवं ध्यान केंद्र का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्था माउंट आबू की सदस्य राजयोगिनी वंदना राय की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधक एवं आमजन शामिल हुए।
योग केंद्र के उद्घाटन अवसर पर पंडित श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ एवं अन्य बहनों द्वारा पुष्पवर्षा एवं आरती कर अतिथियों का स्वागत किया गया। बाबा की कुटिया में विधिवत पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।


इस अवसर पर प्रोफेसर सुमन दीदी की अमृतवाणी से सत्संग का आयोजन किया गया। उन्होंने “ॐ शांति” के संदेश के साथ अपने प्रवचन की शुरुआत करते हुए जीवन को सरल, सहज और तनावमुक्त बनाने के उपाय बताए।
राजयोगिनी वंदना राय ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि
“संसार में रहना है, लेकिन संसार को अपने अंदर नहीं रखना है।”
उन्होंने समझाया कि गृहस्थ जीवन और ईश्वर प्राप्ति दोनों साथ-साथ संभव हैं, बशर्ते व्यक्ति संतुलन और सकारात्मक सोच बनाए रखे।
उन्होंने “दिलखुश मिठाई” का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे मिठाई खुद भी खाएं और दूसरों को भी खिलाएं, वैसे ही जीवन में प्रेम, खुशी और अच्छाई बांटनी चाहिए। जो हम दूसरों को देते हैं, वही हमें लौटकर मिलता है।
वंदना राय ने बताया कि भूतकाल की चिंताओं और भविष्य की आशंकाओं में उलझकर मनुष्य वर्तमान को खो देता है, जिससे तनाव, अवसाद और परेशानियां बढ़ती हैं। हमें वर्तमान में जीते हुए भविष्य को संवारने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति में अच्छाई और बुराई दोनों होती है, लेकिन हमें दूसरों की अच्छाइयों को अपनाकर जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। बुरी आदतों, बुरे विचारों और नकारात्मक संगति से दूर रहकर धर्म, ज्ञान और सेवा के मार्ग पर चलना चाहिए।
उन्होंने शुद्ध एवं सादा भोजन, समय पर सोने-जागने, संतोष, सेवा और परोपकार को सफल जीवन का आधार बताया। साथ ही लालच से दूर रहकर ईमानदारी से कर्म करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के दौरान एक बालिका द्वारा भक्ति गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया गया। पंडित श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ द्वारा 4 फरवरी के अवसर पर बाबा के भजन प्रस्तुत किए गए। अंत में प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
इस आयोजन में बिलासपुर एवं आसपास क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने में ब्रह्माकुमारी सेवाकेंद्र तोरवा के सभी भाई-बहनों का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम कवरेज के लिए वरिष्ठ पत्रकार अमर स्तंभ आरजे रमझाझर, छत्तीसगढ़ मीडिया हाउस, संरक्षक विजय दुसेजा, गोविंद दुसेजा, सीजी क्राइम रिपोर्टर कुमार पोपटानी सहित अन्य पत्रकार विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने राजयोगिनी वंदना राय से आशीर्वाद प्राप्त किया।
यह आयोजन योग, ध्यान और सकारात्मक जीवनशैली को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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