बेलमुंडी में अखंड नवधा रामायण का भव्य आयोजन, अव्यवस्थाओं के बीच भी उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
बेलमुंडी में अखंड नवधा रामायण का भव्य आयोजन, अव्यवस्थाओं के बीच भी उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

बिलासपुर/बेलमुंडी।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के अंतर्गत ग्राम बेलमुंडी में श्रीरामचरित मानस अखंड नवधा रामायण का भव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और रामकथा का रसपान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
कार्यक्रम के दौरान गांव में सड़क के बीचो-बीच नाले का पानी भरा होने तथा चारों ओर गंदगी फैलने जैसी गंभीर अव्यवस्थाओं के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी गई। कठिन परिस्थितियों के बीच भी भक्तजन पूरे मनोयोग से भक्ति, सेवा और राम नाम के जाप में लीन नजर आए।

यह आयोजन बेलमुंडी धाम के कृपापात्र शिष्य पंडित श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’, वरिष्ठ पत्रकार अमर स्तंभ आर.जे. रमझाझर एवं छत्तीसगढ़ मीडिया हाउस के मार्गदर्शन में भव्य एवं दिव्य वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संत समाज, ग्रामवासी, सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम के दौरान गांव के वरिष्ठजनों एवं मातृशक्तियों से आत्मीय संवाद किया गया। पंडित श्रवण दुबे ने कहा कि बेलमुंडी आकर उन्हें बचपन जैसी ऊर्जा, प्रसन्नता और आत्मिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के गांवों में नवधा रामायण जैसे आयोजन नई पीढ़ी को संस्कार, संस्कृति और जीवन मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
अखंड नवधा रामायण की शुरुआत श्री पंचमुखी हनुमान बेलमुंडी धाम के पीठाधीश्वर श्री सर्किटपुरी बाबा के सान्निध्य में स्वागत कार्यक्रम के साथ की गई। इस दौरान ज्योति, कुलदीप, भवानी, सीमा, ममता, ईशा एवं आरती सहित अन्य सेवाभावियों द्वारा अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया।
पंडित श्रवण दुबे ने इस पावन आयोजन के लिए श्री सर्किटपुरी बाबा का आभार व्यक्त करते हुए सभी सहयोगियों को बधाई दी। विश्व मानव परमार्थ ट्रस्ट के सहयोग से वर्षों से चल रहे यज्ञ एवं सेवा कार्यों की भी सराहना की गई, साथ ही दिव्यांगजनों के सम्मान का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
हालांकि, गांव में फैली गंदगी और जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों में चिंता भी देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंदे पानी और अव्यवस्थाओं के कारण भविष्य में हैजा जैसी बीमारियों का खतरा बना हुआ है, लेकिन इस ओर शासन-प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है।
इसके बावजूद, ग्रामीणों ने सभी समस्याओं को पीछे छोड़ते हुए अखंड नवधा रामायण में पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया और रामभक्ति में लीन दिखाई दिए।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय संरक्षक होमानंद सरस्वती, राष्ट्रीय संरक्षक कैलाश राजपूत एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश चंद्र सागर ने भी उपस्थित होकर बेलमुंडी धाम के मुख्य महंत श्री सर्किटपुरी एवं पंडित श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ को साधुवाद एवं आशीर्वाद प्रदान किया।
