बेलमुंडी में अखंड नवधा रामायण से स्थापित हुई धर्म की परंपरा, पं. श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ ने रचा नया इतिहास

बेलमुंडी में अखंड नवधा रामायण से स्थापित हुई धर्म की परंपरा, पं. श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ ने रचा नया इतिहास


बिलासपुर (छत्तीसगढ़)।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले अंतर्गत ग्राम बेलमुंडी में श्रीरामचरित मानस अखंड नवधा रामायण का भव्य एवं श्रद्धामय आयोजन संपन्न हुआ। विवादों और चुनौतियों के बीच इस धार्मिक आयोजन ने क्षेत्र में धर्म, संस्कृति और सामाजिक समरसता की नई मिसाल प्रस्तुत की।
इस ऐतिहासिक आयोजन का सफल संचालन पंडित श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ के मार्गदर्शन में हुआ, जिन्होंने वर्षों से समाज को धर्म और संस्कारों से जोड़ने का कार्य किया है। श्री सर्किट सेवा समिति के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
पं. श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ द्वारा विगत 15 वर्षों से देश के विभिन्न राज्यों में 11 सूत्रीय सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया जा रहा है। उनके नेतृत्व में समाजसेवा और आध्यात्मिक चेतना को नई दिशा मिली है।


कार्यक्रम में श्री सर्किट पुरी बेलमुंडी धाम के कृपा पात्र शिष्य, वरिष्ठ पत्रकार अमर स्तंभ आरजे रमझाझर, छत्तीसगढ़ मीडिया हाउस के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी, संत समाज एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से श्रीराम कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
इस अवसर पर पं. श्रवण दुबे ने गांव के वरिष्ठजनों एवं मातृशक्तियों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि बेलमुंडी ग्राम में आकर उन्हें बचपन जैसी ऊर्जा, सरलता और आत्मिक शांति का अनुभव होता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के गांवों में आयोजित नवधा रामायण जैसे आयोजन नई पीढ़ी को संस्कार, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन को दिशा और उद्देश्य प्रदान करते हैं।
विशेष उल्लेखनीय है कि पूर्व में चले आ रहे विवादों पर विराम लगाते हुए श्री पंचमुखी हनुमान बेलमुंडी धाम, श्री सर्किट पुरी बाबा के तत्वाधान में इस अखंड नवधा रामायण का शुभारंभ किया गया। स्वागत कार्यक्रम के साथ संयुक्त आयोजन को संवैधानिक रूप से शांतिपूर्ण एवं भव्य रूप में संपन्न कराया गया।
इस अवसर पर जनकल्याण पुनर्वास केंद्र एवं छत्तीसगढ़ मीडिया हाउस के माध्यम से ज्योति, कुलदीप, भवानी, सीमा, ममता, ईशा एवं आरती द्वारा अतिथियों का सम्मान किया गया। पं. श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ ने सभी आयोजकों को बधाई देते हुए श्री सर्किट पुरी बाबा का विशेष आभार व्यक्त किया।
बताया गया कि विश्व मानव परमार्थ ट्रस्ट के सहयोग से अब तक देशभर में 100 से अधिक यज्ञों का सफल आयोजन किया जा चुका है, जिससे सामाजिक और आध्यात्मिक चेतना को मजबूती मिली है।
समारोह में अंतरराष्ट्रीय संरक्षक होमानंद सरस्वती, राष्ट्रीय संरक्षक कैलाश राजपूत एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश चंद्र सागर ने बेलमुंडी धाम के मुख्य महंत श्री सर्किट पुरी एवं पं. श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ को साधुवाद एवं आशीर्वाद प्रदान किया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक जागरण एवं सद्भाव का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाने में सफल रहा।

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