गनियारी सती शक्तिपीठ आश्रम में श्री रुद्र महायज्ञ व शिव महापुराण कथा का भव्य समापन
गनियारी सती शक्तिपीठ आश्रम में श्री रुद्र महायज्ञ व शिव महापुराण कथा का भव्य समापन

बिलासपुर (छत्तीसगढ़)।
बेल्टूकरी गनियारी स्थित सती शक्तिपीठ आश्रम में आयोजित श्री रुद्र महायज्ञ एवं भक्तिमय श्री शिव महापुराण कथा का भव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण में सफल समापन हुआ। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने धर्म, संस्कृति और भक्ति के संगम में डुबकी लगाते हुए कथा का रसपान कर अपने जीवन को धन्य बनाया।
इस आयोजन में वरिष्ठ पत्रकार पंडित श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’, वरिष्ठ पत्रकार अमर स्तंभ आरजे रमझाझर, छत्तीसगढ़ मीडिया हाउस सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे। श्री महंगाई अष्ट कौशल के कृपा पात्र शिष्य श्री चाणक्य चैतन्यपुरी उर्फ सर्किट पुरी बाबा के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं को धर्म मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।
समापन अवसर पर महंत श्री शंभू पुरी महाराज जी, श्री चाणक्य चेतन पुरी (सर्किट पुरी बाबा), प्रेम गिरि सहित नागा साधु-संत समाज की उपस्थिति में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। क्षेत्रीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास श्री कृष्णा दुबे (नागपुर) एवं यज्ञाचार्य श्री कमल किशोर उपाध्याय ने अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की। सभी अतिथियों ने जनकल्याण पुनर्वास केंद्र एवं मीडिया हाउस के माध्यम से आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर जनकल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी गई कि बेलमंडी ग्राम में आगामी 4 फरवरी से 14 फरवरी तक अखंड नवधा रामायण का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बोदरी स्व सहायता समूह का विशेष सहयोग रहेगा।
बताया गया कि अखंड नवधा रामायण की परंपरा वर्षों पुरानी है, जो सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को मजबूत करती है। हाल ही में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इसका विरोध किया गया, किंतु ग्राम पंचायत में हुई बैठक के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यह आयोजन इस वर्ष भी विधिवत रूप से संपन्न कराया जाएगा तथा आवश्यक संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ज्ञापन देकर कार्रवाई की जाएगी।
वरिष्ठ पत्रकार पंडित श्रवण दुबे एवं अमर स्तंभ आरजे रमझाझर ने आम जनता एवं संत समाज से अपील की कि वे इस पावन आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर धर्म एवं संस्कृति को सशक्त बनाएं।
समापन दिवस पर साधु-संत समाज, पत्रकारगण एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति में एकादशी कुंडली, शिव महापुराण कथा एवं श्री रुद्र महायज्ञ का विधिवत पूजन-अर्चन संपन्न हुआ। कथा व्यास श्री कृष्णा दुबे (अकोला, महाराष्ट्र) द्वारा प्रस्तुत कथा ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
इस प्रकार यह आयोजन आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक एकता एवं सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।
