ताला गांव महोत्सव का भव्य शुभारंभ, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने किया उद्घाटन
ताला गांव महोत्सव का भव्य शुभारंभ, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने किया उद्घाटन

बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर अंतर्गत ताला गांव में आयोजित महोत्सव का भव्य शुभारंभ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
उद्घाटन के पश्चात विश्व महालक्ष्मी महिला स्वयं सहायता समूह, बोदरी तहसील इकाई कार्यालय की सचिव द्वारा संस्था के पदाधिकारियों की संवैधानिक रूप से घोषणा की गई। वहीं समुद्र शास्त्री ने ताला गांव महोत्सव के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व को आम जनमानस तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया।
यह महोत्सव 29 जनवरी से 3 फरवरी तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें आम जनता के लिए प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है।
बीएनआई (BNI) के संयोजन में आयोजित इस व्यापार एवं सांस्कृतिक मेले का यह तीसरा संस्करण है। पहले ही दिन यह मेला केवल खरीद-बिक्री का केंद्र न होकर सेवा, संस्कार और सामाजिक सरोकारों का सशक्त मंच बनकर उभरा है।
मंच पर दिग्गजों की रही उपस्थिति
उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री अरुण साव के साथ बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, ऑटोमोबाइल एसोसिएशन अध्यक्ष प्रमोद खेड़िया, सराफा एसोसिएशन अध्यक्ष कमल सोनी, अद्वैत फॉर्म्स के अनिल मूंदड़ा, भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी सहित अनेक विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
साथ ही वरिष्ठ पत्रकार पं. श्रवण दुबे, समुद्रशास्त्री अमर स्तंभ आरजे रमझाझर, छत्तीसगढ़ मीडिया हाउस, ज्योति कुलदीप (पूर्व महिला मोर्चा भाजपा, बोदरी तहसील अध्यक्ष), जनकल्याण पुनर्वास केंद्र बोदरी तथा शहर के कई गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
समाज और व्यापार का संगम बना मेला
बीएनआई संस्था की ओर से राजीव अग्रवाल एवं किरण चावला ने बताया कि यह व्यापार मेला केवल व्यापारियों के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के हित में आयोजित किया गया है। इसमें महिला समूहों, पत्रकार संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और सहयोगी संगठनों की भागीदारी से जनकल्याण एवं पुनर्वास के कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
महोत्सव में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनी, व्यापारिक स्टॉल एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्र के विकास और सामाजिक समरसता को नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।
