मुंगेली में अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी: प्रेम संबंध और शंका में 17 वर्षीय बालिका की गला दबाकर हत्या, 72 घंटे में 2 आरोपी गिरफ्तार

मुंगेली | छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के ग्राम नेवासपुर में हुई 17 वर्षीय नाबालिग बालिका की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंधे कत्ल की गुत्थी का खुलासा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के सख्त निर्देश पर मुंगेली पुलिस ने घटना के 72 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी सहित उसके साथी को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया है।

​मामले में मुख्य आरोपी अजीत घृतलहरे (22 वर्ष) ने प्रेम संबंध और बालिका के किसी अन्य युवक से बातचीत करने की शंका के चलते गला दबाकर हत्या करने का अपराध स्वीकार कर लिया है। इस वारदात में उसका सहयोग करने वाले साथी साहिल खाण्डे (20 वर्ष) को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

​क्या है पूरा मामला?

​घटना 20 अक्टूबर 2026 की रात्रि की है। ग्राम नेवासपुर निवासी उत्तम मोहले ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनकी 17 वर्षीय नातिन अपने बिस्तर पर बेहोशी की हालत में पड़ी है। परिजनों के आवाज देने पर जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो पास जाकर देखने पर बालिका अचेत अवस्था में पाई गई। उसके गले पर चोट, खरोंच के निशान और पैरों में धब्बेनुमा निशान थे।

​सूचना मिलते ही थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मर्ग कायम किया। घटनास्थल और साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया हत्या का मामला पाए जाने पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 343/2026, धारा 103 BNS (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

​संदेह से हत्या की वारदात तक की पूरी कहानी

​मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) श्री आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली एवं साइबर सेल की एक संयुक्त टीम गठित की गई।

​जांच के दौरान परिजनों और अन्य स्रोतों से जानकारी मिली कि मृतिका का पूर्व में ग्राम लिलवाकापा निवासी अजीत घृतलहरे के साथ प्रेम संबंध था और दोनों के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस ने संदेह के आधार पर अजीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ:

​पुरानी रंजिश और धमकी: आरोपी अजीत ने बताया कि वर्ष 2021 से उनका प्रेम संबंध था। लेकिन करीब एक साल पहले मृतिका के किसी अन्य युवक से बातचीत करने की बात सामने आने पर फोन पर विवाद हुआ था, तब अजीत ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी।

​साजिश और घर में घुसपैठ: 16 अक्टूबर को हैदराबाद से लौटने के बाद आरोपी अजीत ने अपने साथी साहिल खाण्डे को पूरी बात बताई। 19 अक्टूबर की रात अजीत और साहिल मोटरसाइकिल (होंडा लियो, क्रमांक CG 28 J 7143) से ग्राम नेवासापुर पहुंचे।

​हत्या का तरीका: साहिल को बाहर नजर रखने के लिए खड़ा कर अजीत दीवार फांदकर घर के अंदर घुसा। वहां मृतिका को फोन पर बात करते देख उनके बीच हाथापाई हुई। दोनों निर्माणाधीन कमरे में गिर गए, जहां अजीत ने मृतिका का दोनों हाथों से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

​गुमराह करने की कोशिश: हत्या के बाद आरोपी ने शव को दूसरे कमरे के बिस्तर पर लिटा दिया ताकि मामला हार्ट अटैक या सामान्य मृत्यु प्रतीत हो। इसके बाद दोनों आरोपी नेवारीगुड़ा कवर्धा देवी दर्शन कर रात 2:30 बजे वापस घर आकर सो गए।

​पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला राज, दोनों आरोपी रिमांड पर भेजे गए

​डॉक्टरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला घोंटने एवं दम घुटने से होना स्पष्ट हुआ। इसके बाद साक्ष्य छिपाने के आरोप में मामले में धारा 238 एवं 3(5) BNS जोड़ी गई।

​गिरफ्तार आरोपी:

​अजीत घृतलहरे (22 वर्ष), पिता: शिवकुमार

​साहिल खाण्डे (20 वर्ष), पिता: दिलीप

(दोनों निवासी ग्राम लिलवाकापा, थाना सिटी कोतवाली, जिला मुंगेली)

​पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को जब्त कर दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

​पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

​इस अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 72 घंटे में सुलझाने में निरीक्षक अखिलेश कुमार वैष्णव (प्रभारी थाना सिटी कोतवाली), उपनिरीक्षक सत्येन्द्र पुरी गोस्वामी (प्रभारी साइबर सेल), प्र.उ.नि. नवीन जांगड़े, सउनि ईश्वर राजपूत, प्रधान आरक्षक नोखे लाल कुर्रे, नरेश यादव, यशवंत दाहिरे, दिलीप साहू, तारे कश्यप, आरक्षक भेषज पाण्डेकर, हेमसिंह ठाकुर, राहुल यादव, राहुल कश्यप, अतुल ठाकुर, राकेश बंजारे, परमेश्वर जांगड़े, रामकिशोर कश्यप, अरुण साहू, योगेश यादव, नोहर डडसेना, विकास ठाकुर एवं अजय चन्द्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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