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वृद्ध माँ का न्याय और सम्मान सर्वोपरि: ‘जनकल्याण पुनर्वास केंद्र’ ने प्रशासन से माँगी न्याय की गुहार, ‘अंतिम संवैधानिक ज्ञापन’ के माध्यम से त्वरित कार्यवाही का आग्रह।

  1. वृद्ध माँ का न्याय और सम्मान सर्वोपरि: ‘जनकल्याण पुनर्वास केंद्र’ ने प्रशासन से माँगी न्याय की गुहार, ‘अंतिम संवैधानिक ज्ञापन’ के माध्यम से त्वरित कार्यवाही का आग्रह।

​बिलासपुर, छत्तीसगढ़: न्याय और मानवीय संवेदनाओं के प्रति सजग ‘जनकल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस’ ने ग्राम-सेमरदरी की 65 वर्षीय आशा साहू को न्याय दिलाने हेतु एक व्यवस्थित और संवैधानिक पहल शुरू की है। जीवन भर के संघर्ष से अपना आशियाना बनाने वाली एक वृद्ध माँ आज बेदखली और अपमान का दंश झेल रही है।


​पीड़िता का संघर्ष और न्याय की अपेक्षा:
आशा साहू ने अपनी मेहनत से जो संपत्ति बनाई, आज उस पर ही उनके पुत्र सचिन साहू और उनकी दूसरी पत्नी द्वारा षड्यंत्रपूर्वक कब्जा कर लिया गया है। पीड़िता ने कानून पर भरोसा जताते हुए स्थानीय पुलिस को अपनी व्यथा सुनाई है, लेकिन अभी तक अपेक्षित राहत न मिलने के कारण पीड़िता को निरंतर मानसिक प्रताड़ना और धमकी का सामना करना पड़ रहा है। एक वृद्ध महिला के लिए अपना ही घर छोड़ने का दबाव, कानून और समाज के लिए चिंता का विषय है।
​विश्व हिंदू सेवा दल का दृष्टिकोण:


इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्व हिंदू सेवा दल, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के मुख्य प्रभारी अमर कांत उर्फ कटारी बाबा ने इस कृत्य की घोर निंदा की है। संस्था का स्पष्ट मानना है कि कानून का शासन सर्वोपरि है और किसी भी स्थिति में अन्याय नहीं होना चाहिए। संस्था ने प्रशासन से यह आग्रह किया है कि ‘विधि का शासन’ सुनिश्चित किया जाए ताकि पीड़ित माँ को उनका अधिकार और सुरक्षा मिल सके। यदि कानूनी प्रक्रिया में और विलंब होता है, तो संस्था जनहित और न्याय की रक्षा के लिए संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेगी।
​न्याय की दिशा में प्रशासनिक समन्वय:
इस लड़ाई को गरिमापूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने के लिए एक सशक्त महिला टीम का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व भाजपा महिला मोर्चा की जिला कार्यकारिणी सदस्य ज्योति कुलदीप एवं पूर्व महामंत्री दुर्गा कौशिक कर रही हैं। टीम में आरती जायसवाल, शांति और ‘विश्व मानव परमार्थ ट्रस्ट’ की महिला पदाधिकारी शामिल हैं। यह समूह शासन-प्रशासन के साथ समन्वय कर एक ‘संवैधानिक ज्ञापन’ सौंपेगा ताकि दोषियों पर वैधानिक कार्यवाही हो और मामले का कानून सम्मत समाधान निकले।
​प्रमुख माँगें:
​संवैधानिक संरक्षण: पीड़िता को उनके निज आवास और दुकान का वैध कब्जा वापस दिलाया जाए।
​निष्पक्ष जाँच: दोषियों (सचिन साहू, उनकी दूसरी पत्नी और अमित अगरिया) द्वारा की गई धोखाधड़ी और प्रताड़ना की निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित हो।
​कानून-व्यवस्था का पालन: समाज में कानून का डर बना रहे और अपराधियों द्वारा दी जा रही धमकियों पर अंकुश लगाकर पीड़िता को सुरक्षा प्रदान की जाए।
​हमारा संकल्प:
‘जनकल्याण पुनर्वास केंद्र’ का उद्देश्य सदैव प्रशासन के सहयोग से सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करना रहा है। हमें पूर्ण विश्वास है कि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग इस संवेदनशील मामले को प्राथमिकता के आधार पर हल करेंगे, ताकि समाज में यह संदेश जाए कि कानून के हाथ लंबे हैं और एक वृद्ध माँ को न्याय अवश्य मिलेगा।

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