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प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने परखी योजनाओं की प्रभावशीलता ​संवैधानिक प्रतिबद्धता: पीवीटीजी परिवारों के अधिकारों को सुनिश्चित करने हेतु ‘सर्वे सेतु’ के माध्यम से डिजिटल सशक्तिकरण का शंखनाद।

प्रशासनिक संवेदनशीलता की कसौटी पर कोटा का बैगा अंचल: प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने परखी योजनाओं की प्रभावशीलता
​संवैधानिक प्रतिबद्धता: पीवीटीजी परिवारों के अधिकारों को सुनिश्चित करने हेतु ‘सर्वे सेतु’ के माध्यम से डिजिटल सशक्तिकरण का शंखनाद।
​पारदर्शिता एवं शुचिता: निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने हेतु स्वयं ड्रिलिंग कराकर स्थापित किया जवाबदेही का मानक।
​कठोर अनुशासन: शैक्षणिक संस्थानों में अकर्मण्यता और अव्यवस्था पर प्रमुख सचिव का कड़ा प्रहार; उत्तरदायित्व तय करने के निर्देश।
​रायपुर/कोटा, 27 मई 2026
लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप शासन की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के ध्येय के साथ आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कोटा विकासखंड के दुर्गम वनांचलों का सघन दौरा किया। घने अरण्य और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के मध्य बसे बैगा अंचल में श्री बोरा का यह प्रवास केवल निरीक्षण मात्र नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और अंत्योदय के संकल्प की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति रहा।
​डिजिटल नवाचार और प्रत्यक्ष संवाद
​अचानकमार क्षेत्र के सुदूर गांवों में ‘सर्वे सेतु’ ऐप के माध्यम से स्वयं डिजिटल सर्वेक्षण कर प्रमुख सचिव ने शासन की कल्याणकारी राज्य (Welfare State) की अवधारणा को चरितार्थ किया। ग्राम शिवतराई के तिहारू बैगा के द्वार पहुंचकर उन्होंने न केवल शासकीय आंकड़ों का मिलान किया, बल्कि पीवीटीजी परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का सूक्ष्म विश्लेषण भी किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समावेशी विकास की इस प्रक्रिया में कोई भी पात्र परिवार हाशिए पर न रहे।

​गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना: सत्यनिष्ठा का परीक्षण
​प्रशासनिक शुचिता और पारदर्शिता का उत्कृष्ट उदाहरण तब देखने को मिला, जब नेवसा गांव में पीएम जनमन योजना के अंतर्गत निर्मित सड़क की गुणवत्ता की जांच हेतु उन्होंने स्वयं तकनीकी ड्रिलिंग करवाई। श्री बोरा ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक धन का सदुपयोग और निर्माण की गुणवत्ता में अक्षम्य त्रुटि कतई स्वीकार्य नहीं होगी। यह कदम भ्रष्टाचार के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति का परिचायक है।
​संस्थागत अव्यवस्था पर कड़ा रुख
​नेवसा स्थित आदिवासी बालक आश्रम की जर्जर स्थिति और प्रबंधन की शिथिलता पर प्रमुख सचिव ने गहरी अप्रसन्नता व्यक्त की। विद्यार्थियों के संवैधानिक शिक्षा अधिकार और गरिमामयी जीवन सुनिश्चित करने हेतु उन्होंने व्यवस्थागत खामियों को तत्काल दूर करने तथा संबंधित अधिकारियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए।
​निष्कर्ष एवं कार्ययोजना
​जनपद पंचायत कोटा में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने 30 मई तक डिजिटल सर्वे की शत-प्रतिशत पूर्णता का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने रेखांकित किया कि:
​”शासन की प्राथमिकता केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि विशेष पिछड़ी जनजातियों का आत्म-गौरव पुनर्स्थापित करना और उन्हें विकास की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान दिलाना है। धरती आबा और पीएम जनमन जैसे अभियान हमारी ‘संवैधानिक नैतिकता’ का हिस्सा हैं।”
​इस उच्च स्तरीय दौरे ने न केवल क्षेत्रीय समस्याओं के निराकरण का मार्ग प्रशस्त किया है, बल्कि मैदानी स्तर के अधिकारियों के लिए कर्तव्यपरायणता और संवेदनशीलता का एक नया प्रतिमान स्थापित किया है।

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