जन कल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस बोदरी तहसील अंतर्गत विश्व सुविख्यात गायिका, सुरों की साधिका और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले के निधन पर सामूहिक शोक व्यक्त किया
जन कल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस बोदरी तहसील कार्यालय द्वारा विश्व सुविख्यात गायिका, सुरों की साधिका और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनका जाना कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
विषय: स्वर साम्राज्ञी आशा भोसले जी के निधन पर जन कल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस एवं बोदरी तहसील कार्यालय द्वारा शोक संवेदना
बोदरी |
जन कल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस, बोदरी एवं बोदरी तहसील कार्यालय द्वारा विश्व सुविख्यात गायिका, सुरों की साधिका और ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित श्रीमती आशा भोसले जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया है। उनका जाना न केवल संगीत जगत, बल्कि संपूर्ण कला जगत के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं होगी।
इस शोक सभा के दौरान आशा जी के अविस्मरणीय योगदान को याद करते हुए निम्नलिखित संवेदनाएं व्यक्त की गईं:
संगीत जगत का एक स्वर्णिम अध्याय समाप्त
आशा जी ने अपनी अद्वितीय गायकी और विलक्षण प्रतिभा से न केवल भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया, बल्कि वैश्विक पटल पर भारत का मान बढ़ाया। सात दशकों से अधिक के उनके करियर में, उन्होंने अपनी जादुई आवाज़ से करोड़ों देशवासियों के सुख-दुख और मानवीय भावनाओं को स्वर दिया।
संस्कृति की महान संवाहक
विज्ञप्ति में कहा गया कि वे केवल एक पार्श्व गायिका नहीं थीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की एक महान संवाहक थीं। उनके द्वारा गाए गए गीत युगों-युगों तक भारतीय जनमानस की चेतना में जीवित रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ‘प्रेरणापुंज’ की तरह मार्ग प्रशस्त करेंगे।
भावभीनी श्रद्धांजलि
”ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और इस अत्यंत कठिन घड़ी में उनके असंख्य प्रशंसकों व शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुख सहने का धैर्य और शक्ति दें।”
शोकाकुल:
समस्त पदाधिकारी एवं सदस्य,
जन कल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस, बोदरी, विश्व हिंदू महासभा सेवा दल, विश्व मानव परमार्थ संस्था
तथा तहसील कार्यालय, बोदरी।
आशा जी ने अपनी अद्वितीय गायकी और विलक्षण प्रतिभा से न केवल भारतीय संगीत को समृद्ध किया, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत का मान बढ़ाया। दशकों तक उन्होंने अपनी आवाज़ से करोड़ों देशवासियों के सुख-दुख और भावनाओं को स्वर दिया।
वे केवल एक कलाकार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की एक महान संवाहक थीं। उनके स्वर युगों-युगों तक भारतीय जनमानस की चेतना में जीवित रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणापुंज बने रहेंगे।
