बिजली के खंभे लगे, कनेक्शन गायब—अंधेरे में जीने को मजबूर ग्रामीण, व्यवस्था पर उठे सवाल
सरकारी दावों के बावजूद अधूरी विद्युत व्यवस्था, जिम्मेदारों की उदासीनता से लोगों में नाराज़गी
मुंगेली/— क्षेत्र में विद्युत सुविधा को लेकर एक गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां बिजली के खंभे तो लगा दिए गए, लेकिन अब तक कनेक्शन नहीं जोड़ा गया। परिणामस्वरूप ग्रामीणों को अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर होना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव में बिजली पहुंचाने के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई है। खंभे खड़े कर दिए गए, तार भी कहीं-कहीं डाल दिए गए, लेकिन वास्तविक विद्युत आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। इससे यह साफ झलकता है कि संबंधित विभाग ने कार्य को अधूरा छोड़ दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई, महिलाओं की सुरक्षा और आम जनजीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। कई बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अधूरी परियोजनाएं न केवल सरकारी संसाधनों की बर्बादी हैं, बल्कि आम जनता के भरोसे को भी कमजोर करती हैं। केवल खंभे लगाना विकास का प्रमाण नहीं हो सकता, जब तक कि वास्तविक सुविधा लोगों तक न पहुंचे।
प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित करे और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करे।
यह मामला सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करता है, जहां कागजों में विकास दिखाई देता है, लेकिन धरातल पर लोग अब भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
