छत्तीसगढ़ में न्याय व्यवस्था को और सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

छत्तीसगढ़ में न्याय व्यवस्था को और सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

जन कल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस ,नगर पालिका परिषद बोदरी द्वारा पुलिस प्रशासन के कार्यवाही की प्रशंसा करते हुए त्योहारी सीजन में कड़े नियम के साथ शांति व्यवस्था को बहाल करने की बड़ी जिम्मेदारी भी है।

थाना चकरभाठा जिला बिलासपुर अंतर्गत

छत्तीसगढ़ में न्याय व्यवस्था को और सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य न्यायिक अकादमी में चयनित 49 प्रोविजनल जजों को नियुक्ति से पहले जमीनी हकीकत से रूबरू कराया जा रहा है। इसी कड़ी में जजों का दल बिलासपुर के थाना चकरभाठा पहुंचा, जहां उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से समझा।छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी में चयनित 49 प्रोविजनल जज इन दिनों प्रायोगिक प्रशिक्षण के दौर से गुजर रहे हैं। न्यायिक प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से समझने के लिए ये जज डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, थाना, फॉरेंसिक लैब, सालसा और एडीआर बिल्डिंग जैसे संस्थानों का भ्रमण कर रहे हैं।

इसी क्रम में प्रोविजनल जजों का दल बिलासपुर स्थित थाना चकरभाठा पहुंचा। यहां थाना प्रबंधन ने उन्हें एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया, अपराध पंजीयन, केस डायरी संधारण, विवेचना की बारीकियां और न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों की जानकारी दी।अधिकारियों ने बताया कि किस प्रकार घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जाते हैं, फॉरेंसिक जांच की भूमिका क्या होती है और जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट न्यायालय में किस प्रक्रिया से प्रस्तुत की जाती है। जजों ने भी पुलिस अधिकारियों से कई सवाल पूछकर कार्यप्रणाली को विस्तार से समझा।

अधिकारियों के मुताबिक इस तरह का फील्ड विजिट नए जजों को न्यायिक प्रणाली की जमीनी समझ देता है, जिससे वे भविष्य में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अधिक प्रभावी और संतुलित निर्णय दे सकें। नियुक्ति से पहले दिया जा रहा यह व्यवहारिक प्रशिक्षण न्याय व्यवस्था को और पारदर्शी व प्रभावी बनाने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।

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