चंद्र दिवस पर 35 वरिष्ठजनों का सम्मान, झूलेलाल वेलफेयर सोसायटी का आयोजन
चंद्र दिवस पर 35 वरिष्ठजनों का सम्मान, झूलेलाल वेलफेयर सोसायटी का आयोजन

बिलासपुर। नगर की सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संस्था श्री झूलेलाल वेलफेयर सोसायटी द्वारा चंद्र दिवस के अवसर पर सिंधी धर्मशाला, गोल बाजार में भव्य कार्यक्रम आयोजित कर 35 वरिष्ठ बुजुर्गों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 9 बजे पूज्य बहराणा साहब की अखंड ज्योत प्रज्वलित कर भगवान झूलेलाल की आरती से हुई। इसके पश्चात दोपहर 1 से 3 बजे तक आम भंडारे का आयोजन किया गया तथा संध्या 7 बजे भगवान श्री गणेश, माता दुर्गा एवं भगवान झूलेलाल की आरती, अरदास एवं विश्व कल्याण के लिए प्रार्थना की गई।

इस अवसर पर बिलासपुर नगर की चार पूज्य सिंधी पंचायतों—तोरवा, हेमूनगर, देवरी खुर्द एवं राजकिशोर नगर—से आए 35 वरिष्ठजनों का तिलक लगाकर, आरती उतारकर एवं शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया तथा उनसे आशीर्वाद लिया गया। साथ ही सिंधी समाज के विभिन्न पदाधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में सिंधी युवक समिति बिलासपुर के अध्यक्ष मनीष लाहोरानी, संरक्षक एवं संयोजक अमर बजाज, मनोहर खटवानी तथा पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत बिलासपुर के अध्यक्ष विनोद मेघानी सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

संस्था के अध्यक्ष जगदीश हरद्वानी ने बताया कि विगत एक वर्ष से प्रति माह चंद्र महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अलग-अलग वार्डों एवं पंचायतों के वरिष्ठजनों का सम्मान कर उनका आशीर्वाद लिया जाता है। संस्था द्वारा चालिहा महोत्सव के 40 दिवसीय आयोजन तथा चेटीचंड्र पर भगवान झूलेलाल जन्मोत्सव सप्ताह जैसे धार्मिक कार्यक्रम भी नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं।
संरक्षक रूपचंद डोडवानी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में एकता, भाईचारा और सामंजस्य बढ़ता है तथा युवा पीढ़ी को अपनी धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। सामूहिक धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और सभी वर्गों के लोगों को एक मंच पर आने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम में महिला समिति की अध्यक्ष एवं सदस्य भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। आयोजन को सफल बनाने में नानक नागदेव, इंद्रजीत गंगवानी, विजय हरियानी, हरदास आसवानी, मुरली मलघानी, विजय दुसेजा, गोविंद दुसेजा, कैलाश श्यामनानी, सेवकराम वाधवानी, गन्नू चावल सहित अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
