महाशिवरात्रि के दूसरे दिन विश्व मानव परमार्थ ट्रस्ट के राष्ट्रीय संरक्षक जगद्गुरु कनक बाबा के तत्वाधान में शोभा यात्रा के उपलक्ष्य पर जगह-जगह भव्य दिव्य स्वागत
महाशिवरात्रि के दूसरे दिन विश्व मानव परमार्थ ट्रस्ट के राष्ट्रीय संरक्षक जगद्गुरु कनक बाबा के तत्वाधान में शोभा यात्रा के उपलक्ष्य पर जगह-जगह भव्य दिव्य स्वागत

पावन पर्व नयापारा से लेकर पावर हाउस चकरभाठा तक समुद्र शास्त्री वरिष्ठ पत्रकार अमर स्तंभ आर जे रमझाझर छत्तीसगढ़ मीडिया हाउस जनकल्याण पुनर्वास पर संस्थाओं के प्रमुख द्वाद्वा भगवान भोलेनाथ की आराधना का यह पावन पर्व श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम है। कोटेश्वर महोत्सव के माध्यम से हमारी सनातन परंपराओं, लोक संस्कृति और सामाजिक एकता का सुंदर दर्शन हुआ।

इस अवसर पर विधायक श्री धरमलाल कौशिक, के आशीर्वाद से , पूर्व महिला मोर्चा भाजपा बिलासपुर ज्योति कुलदीप की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस कार्य पर प्रसन्न होकर जगत गुरु कनक बाबा, रामेश्वर पांडे, कैलाश राजपूत राष्ट्रीय अध्यक्ष,वरिष्ट पत्रकार पंडित श्रवण दुबे समुद्रशास्त्री अमर स्तंभ आर जे रमझाझर छत्तीसगढ़ मीडिया हाउस ने कहा कि “सर्जरी की प्रतीक्षा में लोकतंत्र”

मैं इस देश का एक सामान्य नागरिक हूँ। वर्षों तक मैंने चुनाव, भाषण और योजनाएँ देखीं, पर आज भी जब लोगों को सरकारी राशन पर निर्भर देखता हूँ तो मन प्रश्न करता है क्या यही वह भारत है जिसकी हमने कल्पना की थी?
दुनिया के कई देश तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं, जबकि हमारे यहाँ संसाधन और प्रतिभा होते हुए भी अपेक्षित परिणाम नहीं दिखते। तब मुझे लगा समस्या व्यक्ति की नहीं, व्यवस्था की है। लोकसभा और राज्यसभा में बहसें होती हैं, पर जमीन पर बदलाव सीमित दिखाई देता है। राजनीति में बढ़ता धनबल, प्रभाव और अपराधीकरण लोकतंत्र की आत्मा को कमजोर करते प्रतीत होते हैं।

मेरा मानना है कि अब सतही सुधार नहीं, बल्कि गहन आत्ममंथन की आवश्यकता है एक प्रकार की “सर्जरी”।
प्राचीन भारत में शासन का आधार नैतिकता और कर्तव्य था धर्म परिषद था आज भी वही मूल भावना पारदर्शिता, जवाबदेही और जनकल्याण व्यवस्था के केंद्र में आनी चाहिए।
मैं व्यवस्था को तोड़ने की नहीं, उसे सुधारने की बात करता हूँ। परिवर्तन जनता की जागरूकता, युवाओं की भागीदारी और नैतिक नेतृत्व से ही संभव है।
मैं अब मौन दर्शक नहीं हूँ।
मैं प्रश्न भी पूछूँगा और परिवर्तन की प्रक्रिया में सहभागी भी बनूँगा।
धर्म व समसामयिक विषयों से संबंधित नए विचार के लिए है समुद्र शास्त्री के अग्रज भाई दिनेश दुबे ने आम जनमानस का आह्वान किया किधर्म संसद व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें व राष्ट्र धर्म से जुड़ी चिंतन को ज्यादा से ज्यादा प्रसारित करें।

अंत में विश्व हिंदू सेवा दल लीगल एंड सोशल ट्रस्ट अखिल भारतीय हिंदू राष्ट्र निर्माण सेना द्वारा सामाजिक संस्थाओं एवं मीडिया पदाधिकारीयो के बैठक में शासन प्रशासन को धन्यवाद शुभकामनाएं दी।

