कलाकृति एग्जीबिशन का भव्य समापन, नारी सशक्तिकरण की मिसाल बना आयोजन

बिलासपुर।
जन कल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस द्वारा महिला सशक्ति सम्मान कार्यक्रम आयोजन समिति को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित होटल विनायक पैलेस में आयोजित दो दिवसीय “कलाकृति एग्जीबिशन” मेले का पांचवां संस्करण उत्साह, ऊर्जा और ऐतिहासिक सफलता के साथ संपन्न हुआ।
यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, रचनात्मकता, परिश्रम और आत्मनिर्भरता का सशक्त मंच बनकर उभरा। समापन समारोह में शहर की प्रतिष्ठित महिला चिकित्सक — डॉ. प्रियंका मेघानी, डॉ. आकांक्षा दीक्षित, डॉ. आरती पांडे, डॉ. गीतिका शर्मा, डॉ. प्रतिभा मखीजा एवं डॉ. श्वेता सबलानी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।


कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. प्रियंका मखीजा द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। आयोजक श्रीमती रेखा आहूजा एवं श्रीमती कंचन श्रीवास्तव तथा उनकी टीम ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया।
जन कल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस की ओर से महिला सशक्ति सम्मान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पंडित श्रवण दुबे समुद्रशास्त्री, वरिष्ठ पत्रकार अमर स्तंभ आर.जे. रमझाझर छत्तीसगढ़ द्वारा ज्योति, कुलदीप, मधु, मीना, आरती, शांति एवं पूजा सहित विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया गया।
एग्जीबिशन के अंतिम दिन महिलाओं की भारी भीड़ ने आयोजन की लोकप्रियता को स्पष्ट कर दिया। जब मंच हुनर और आत्मनिर्भरता का हो, तो समाज का समर्थन स्वतः प्राप्त होता है। शहर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। उन्होंने स्टॉल्स का निरीक्षण कर महिला उद्यमियों की सराहना की तथा स्वयं खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन किया।
आयोजन में प्रत्येक स्टॉल पर 2000 रुपये की खरीद पर आकर्षक उपहार की व्यवस्था ने दर्शकों के आकर्षण को और बढ़ाया। इससे व्यापारिक गतिविधियों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे आयोजक श्रीमती रेखा आहूजा एवं श्रीमती कंचन श्रीवास्तव की दूरदर्शिता, समर्पण और निरंतर प्रयास सराहनीय रहे। वे वर्षों से महिलाओं को मंच प्रदान कर उनके हुनर को पहचान दिलाने एवं आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही हैं।
कलाकृति एग्जीबिशन ने यह सशक्त संदेश दिया कि जब महिलाएं एक-दूसरे का साथ देती हैं, तो सफलता की नई इबारत लिखी जाती है। यहां प्रत्येक स्टॉल पर केवल उत्पाद नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मविश्वास और सपनों की जीवंत कहानी दिखाई दी।
कार्यक्रम की सफलता से महिला उद्यमियों के चेहरों पर दिखाई दी संतोष और आत्मविश्वास की चमक इस बात का प्रमाण है कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।


यह भव्य समापन केवल एक आयोजन का अंत नहीं, बल्कि नारी सशक्तिकरण की एक नई शुरुआत है, जहां हर महिला अपने सपनों को साकार करने का साहस रखती है और समाज को नई दिशा देने का संकल्प भी।

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