बेलमुंडी धाम प्रकरण: सरपंच पति पर धमकी व अवैध हस्तक्षेप के आरोप, महिला समूह ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
बेलमुंडी धाम प्रकरण: सरपंच पति पर धमकी व अवैध हस्तक्षेप के आरोप, महिला समूह ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

बिलासपुर/बोदरी।
श्री पंचमुखी हनुमान जी महाराज मंदिर, बेलमुंडी धाम से जुड़े प्रकरण में जनकल्याण पुनर्वास केंद्र, विश्व महालक्ष्मी महिला स्व सहायता समूह एवं अन्य सामाजिक संगठनों ने ग्राम बेलमुंडी के सरपंच पति विश्राम कौशिक पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाना चकरभाठा में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
संगठनों का आरोप है कि सरपंच पति द्वारा मंदिर व आश्रम परिसर में तोड़फोड़, धार्मिक आयोजनों में बाधा तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं व पत्रकारों को धमकाने जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
धार्मिक आयोजन रोकने की धमकी का आरोप
जानकारी के अनुसार 29 जनवरी 2026 को बिना पंचायत प्रस्ताव पारित कराए आगामी 4 फरवरी को होने वाले अखंड नवधा रामायण आयोजन को रोकने की धमकी दी गई। साथ ही गायत्री मंदिर के नाम पर अवैध रूप से जीर्णोद्धार प्रस्ताव लाने का भी विरोध किया गया, जिसे पंचायत के पंचों व उपसरपंच ने अस्वीकार कर दिया।
पूर्व में भी आयोजन के लिए लकड़ी न देने की घोषणा की जा चुकी थी, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
महिला समूह व पत्रकारों को मिली धमकी
विश्व महालक्ष्मी महिला स्व सहायता समूह की पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें एवं मंदिर से जुड़े पुजारी अंकित तिवारी उर्फ बंटी महाराज तथा पत्रकारों को मोबाइल के माध्यम से जान से मारने की धमकी दी गई है। इस संबंध में वीडियो क्लिप भी उपलब्ध होने की बात कही गई है।
महिला समूह ने बताया कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण वे मानसिक रूप से भयभीत हैं और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
थाना चकरभाठा में की गई शिकायत
मामले को लेकर महिला समूह व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने थाना चकरभाठा पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। थाना प्रभारी उमेश साहू ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इस दौरान सुरक्षा समिति एवं अन्य संगठनों ने भी न्याय की मांग की।
आपात बैठक में आंदोलन की चेतावनी
बेलमुंडी धाम में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्णय लिया गया कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो संवैधानिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
महिला सदस्यों ने कहा कि मंचों पर महिला सुरक्षा की बातें होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
मंदिर व आश्रम परिसर को नुकसान पहुंचाने का आरोप
संगठनों ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा मंदिर, आश्रम व तालाब परिसर में लगातार नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंच रही है।
पूर्व में भी इस संबंध में विधायक धरमलाल कौशिक व प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से असंतोष बढ़ रहा है।
11 सूत्री कार्यक्रम के तहत समाजसेवा का संकल्प
बैठक में संस्थाओं द्वारा अपने 11 सूत्री कार्यक्रम (शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा, कौशल विकास, गुरुकुल, गौशाला आदि) की जानकारी दी गई और समाज को इससे जोड़ने का आह्वान किया गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष समुद्र शास्त्री एवं पंडित श्रवण दुबे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संरक्षक स्वामी हिमानंद सरस्वती जी महाराज ने इस प्रकरण में सहयोग का आश्वासन दिया है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
सामाजिक संगठनों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनी रहे और महिलाओं व पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
संगठनों ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण स्तर पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
