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संघर्ष से सफलता तक: राजकुमार सतनामी का नाम लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज, 30 जनवरी को सरगांव–पथरिया में होगा ऐतिहासिक स्वागत समारोह

रायपुर/नई दिल्ली —
छत्तीसगढ़ के युवा सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार सतनामी ने समाजसेवा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार जनहित में किए गए कार्यों और सामाजिक संघर्षों के कारण उन्हें यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि से उन्होंने न केवल अपने गांव, बल्कि पूरे प्रदेश और देश को गौरवान्वित किया है।
विश्व रिकॉर्ड दर्ज होने के बाद 30 जनवरी को सुबह 11 बजे सरगांव स्थित पथरिया मोड़ में उनके आगमन पर भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। डीजे, पंथी नृत्य और नगर भ्रमण के साथ यह कार्यक्रम उत्सव के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें सतनामी समाज सहित विभिन्न समाजों और धर्मों के लोग शामिल होंगे।


राजकुमार सतनामी मूल रूप से ग्राम पंचायत चंदली, थाना पथरिया, जिला मुंगेली के निवासी हैं और वर्तमान में रायपुर में निवासरत हैं। उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा है। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने मजदूरी और बर्फ बेचने जैसे कार्य कर अपनी पढ़ाई जारी रखी और समाजसेवा के मार्ग पर आगे बढ़े।


वर्ष 2015 से उन्होंने गांव की सड़क, शिक्षा, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए आंदोलन की शुरुआत की। कम उम्र में ही उन्हें कई सामाजिक जिम्मेदारियां मिलीं। 21 वर्ष की आयु में वे छत्तीसगढ़ प्रदेश सतनामी समाज के जिला अध्यक्ष बने। इसके बाद प्रदेश प्रवक्ता और महासचिव (आईटी सेल) की जिम्मेदारी निभाई। 23 वर्ष की उम्र में उन्हें अनुसूचित जाति उत्थान संघ छत्तीसगढ़ का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वर्तमान में वे मानव अधिकार एंटी करप्शन सिटी फाउंडेशन के मीडिया विभाग में भी प्रदेश अध्यक्ष हैं।
राजकुमार सतनामी को केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के हाथों ‘सामाजिक योद्धा सम्मान’ सहित तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। 24 जनवरी को नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित कार्यक्रम में उनका नाम आधिकारिक रूप से लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया, जहां उन्हें प्रमाण पत्र, मोमेंटो और मेडल प्रदान किया गया।
दिल्ली से लौटने के बाद समाज के लोगों ने उनके सम्मान में 30 जनवरी को भव्य स्वागत का निर्णय लिया है। इस आयोजन की रूपरेखा और जानकारी नरेंद्र सतनामी, पंडित शिव सतनामी और योगेश सतनामी द्वारा दी गई है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। राजकुमार सतनामी ने कहा कि यह सम्मान पूरे समाज के सहयोग, विश्वास और समर्थन का परिणाम है, जिसके लिए वे सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने आगे भी समाजहित में कार्य करते रहने का संकल्प दोहराया है।

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