टीओडी योजना के क्रियान्वयन के लिए एनएआरईडीसीओ ने आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू को धन्यवाद दिया

*विकास, पर्यावरण और गतिशीलता का संतुलन: दिल्ली डेवलपर्स मीट 3.0 में श्री तोखन साहू का संबोधन*

*टीओडी योजना के क्रियान्वयन के लिए एनएआरईडीसीओ ने आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू को धन्यवाद दिया*

केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने द इम्पीरियल, नई दिल्ली में नारेडको (एनएआरईडीसीओ) द्वारा आयोजित दिल्ली डेवलपर्स मीट 3.0 में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने “दिल्ली में सतत पुनर्विकास और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी)” विषय पर आयोजित सेमिनार को संबोधित किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रतिनिधि तथा शहरी विकास विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने एनएआरईडीसीओ की पहल की सराहना करते हुए कहा कि तेज़ी से बढ़ती आबादी, सीमित भूमि संसाधन, यातायात दबाव और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच दिल्ली जैसे महानगर में शहरी विकास को नए दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सतत पुनर्विकास और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये जीवन की गुणवत्ता सुधारने, सुव्यवस्थित शहरी ढाँचा विकसित करने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की एक समग्र सोच का प्रतिनिधित्व करते हैं।

श्री साहू ने दिल्ली के पुराने आवासीय एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों के आधुनिकीकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि पुनर्विकास के माध्यम से बेहतर आवास, आधुनिक सुविधाएँ, खुले स्थान और सुरक्षित बुनियादी ढाँचा उपलब्ध कराया जा सकता है, जिससे नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा। उन्होंने ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे नागरिकों को आवागमन के लिए सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे समय की बचत होगी, यातायात जाम और प्रदूषण में कमी आएगी तथा शहर अधिक सुव्यवस्थित बनेगा।

राज्य मंत्री ने कहा कि सतत विकास से हरित क्षेत्रों में वृद्धि, स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने के साथ-साथ ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा मिलता है और कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है। उन्होंने कहा कि उत्तरदायी शहरी नियोजन वर्तमान ही नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए भी आवश्यक है, जो देश के नेट ज़ीरो लक्ष्यों और एक हरित, सुदृढ़ दिल्ली के निर्माण की दिशा में सहायक है।

श्री साहू ने आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मंत्रालय राज्यों और शहरों को प्रगतिशील नीतियों एवं योजनाओं के माध्यम से निरंतर सहयोग प्रदान कर रहा है। उन्होंने ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट नीति, 2017 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य परिवहन केंद्रों के आसपास उच्च घनत्व वाले, मिश्रित उपयोग क्षेत्रों का विकास करना है, जिससे यात्रा समय घटे, पैदल यात्रियों को सुविधा मिले और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिले। उन्होंने यह भी कहा कि शहरी विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निजी क्षेत्र की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि केवल सरकारी प्रयासों से अपेक्षित परिणाम संभव नहीं हैं।

समापन में राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने एनएआरईडीसीओ दिल्ली को सभी हितधारकों के बीच संवाद को बढ़ावा देने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सेमिनार सतत, समावेशी और भविष्य-उन्मुख शहरी विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करने में सहायक हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस चर्चा से प्राप्त सुझाव दिल्ली को एक आधुनिक, पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी और नागरिकों के लिए बेहतर जीवन गुणवत्ता वाला शहर बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।

अन्य खबरें