मुंगेली से गिरौदपुरी धाम तक ‘सतनाम संदेश पदयात्रा’ का भव्य आगाज: 400 से अधिक श्रद्धालुओं का जत्था रवाना, जगह-जगह हो रहा आत्मीय स्वागत
मुंगेली। परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी के अमर संदेश “मानव-मानव एक समान” को जन-जन तक पहुँचाने और विश्व शांति, सत्य एवं अहिंसा का संदेश फैलाने के उद्देश्य से मुंगेली की पावन धरा सतनाम भवन से 7-दिवसीय ‘सतनाम संदेश पदयात्रा (पांचवां वर्ष-2026)’ का भव्य एवं गरिमामय शुभारंभ हो चुका है।
इस पावन यात्रा में मुंगेली जिले से 400 से भी अधिक श्रद्धालु संत एवं अनुयायी उत्साहपूर्वक शामिल हुए हैं, जिसमें ग्राम देवरी से शंकर बंजारा और लालू बंजारा सहित संत समाज के अनेक सम्माननीय एवं वरिष्ठ जन भी बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता निभा रहे हैं। सफेद वस्त्रों में सजे पदयात्रियों का यह विशाल जत्था जब सड़कों से गुजरता है, तो ऐसा प्रतीत होता है मानो शांति और समरसता की कोई श्वेत दूधिया धारा बह रही हो, जिसे देखकर रास्ते से आने-जाने वाले राहगीर और ग्रामीण अभिभूत हो रहे हैं। गुरु बाबा घासीदास जी एवं अमरदास गुरु जी के सिद्धांतों तथा गुरु बालकदास जी के उपदेशों को आत्मसात कर आगे बढ़ रही इस यात्रा का आकार मार्ग में लगातार जुड़ रहे नए श्रद्धालुओं के कारण और विशाल होता जा रहा है।
मार्ग में पड़ने वाले गाँवों और कस्बों में संत समाज एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा पदयात्रियों का अभूतपूर्व स्वागत किया जा रहा है, जहाँ उनके लिए खाने-पीने की सामग्री, फल एवं जलपान की सुंदर व्यवस्था की गई है और हर तरफ से जन-सामान्य अपनी यथा-श्रद्धा सहयोग प्रदान कर रहा है। इसके साथ ही रात्रि विश्राम स्थलों पर प्रतिदिन सतनाम संदेश भजन एवं विचार संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है।
पदयात्रा की निर्धारित रूपरेखा के अनुसार 23 अक्टूबर शुक्रवार को प्रातः 9 बजे सतनाम भवन मुंगेली से प्रस्थान कर यात्रियों ने खेड़ा, संबलपुर सतनाम भवन में रात्रि विश्राम किया। इसके बाद 24 अक्टूबर शनिवार को प्रातः 5 बजे खेड़ा से निकलकर भाटापारा, 25 अक्टूबर रविवार को बलौदाबाजार सतनाम भवन, और 26 अक्टूबर सोमवार को कसडोल स्थित गुरु बालकदास भवन में रात्रि विश्राम का कार्यक्रम तय है। 27 अक्टूबर मंगलवार को पदयात्रा गिरौदपुरी धाम पहुँचेगी जहाँ बाबा जी की भव्य आरती और रात्रि विश्राम होगा। 28 अक्टूबर बुधवार को प्रातः 5 बजे सुन्दर वन गिरौदपुरी धाम तक पदयात्रा के पश्चात दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक गिरौदपुरी धाम जोकनदी एवं मुख्य मंदिर के पास विशेष स्वच्छता एवं नशा मुक्ति अभियान चलाया जाएगा तथा दर्शन एवं पूजा-अर्चना की जाएगी। अंततः 29 अक्टूबर गुरुवार को प्रातः 5 बजे समस्त श्रद्धालु वाहनों द्वारा गिरौदपुरी धाम से मुंगेली सतनाम भवन के लिए वापस लौटेंगे। समस्त सतनामी समाज जिला मुंगेली द्वारा आयोजित यह पदयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन न होकर स्वच्छता और नशा मुक्ति का संदेश देने वाली एक सामाजिक समरसता की मिसाल बन गई है।
