बालाजी स्पंज आयरन प्लांट बना किसानों के लिए मुसीबत, ग्रामीणों ने SDM को सौंपा 4 सूत्रीय मांग पत्र, मुआवजे और स्थानीय रोजगार की मांग
बालाजी स्पंज आयरन प्लांट बना किसानों के लिए मुसीबत, ग्रामीणों ने SDM को सौंपा 4 सूत्रीय मांग पत्र, मुआवजे और स्थानीय रोजगार की मांग
*रंजीत बंजारे RJ रमझाझर न्यूज़ बेमेतरा* जिले के नवागढ़ क्षेत्र का संबलपुर में संचालित बालाजी स्पंज आयरन प्लांट के खिलाफ अब स्थानीय लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। प्लांट से हो रहे प्रदूषण, स्थानीय बेरोजगारों की अनदेखी और किसानों की फसल बर्बाद होने से नाराज ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नवागढ़ को आज ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?
ग्रामीणों का आरोप है कि नवागढ़ क्षेत्र में करोड़ों की लागत से चल रहे बालाजी स्पंज आयरन प्लांट में काम तो बाहर के लोगों को दिया जा रहा है, जबकि स्थानीय पढ़े-लिखे युवा आज भी बेरोजगार घूम रहे हैं। कंपनी में ठेकेदारी प्रथा हावी है, जिससे स्थानीय मजदूरों का शोषण हो रहा है। उन्हें न तो स्थाई नौकरी दी जा रही है और न ही कोई मेडिकल सुविधा।

दूसरी सबसे बड़ी समस्या है प्रदूषण ग्रामीणों के अनुसार प्लांट की चिमनियों से निकलने वाले जहरीले धुएं और डस्ट से आसपास के गांव संबलपुर,रमपुरा,मुड़पार , चाकापेंड्रा, समेत कई गांवों के खेतों की फसलें खराब हो रही हैं। धान की फसल काली पड़ रही है, सब्जी की खेती पर असर पड़ रहा है। कई सालों से किसान इसकी शिकायत कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
ज्ञापन में 4 बड़ी मांगें
ज्ञापन में ग्रामीणों ने 4 प्रमुख मांगें रखी हैं –
*1. ठेकेदारी प्रथा खत्म हो -* स्थानीय लोगों को कंपनी में सीधे तौर पर रोजगार दिया जाए। भर्ती में स्थानीय युवाओं और योग्य नागरिकों को पहली प्राथमिकता दी जाए।
*2. योग्यता के अनुसार पद मिले -* स्थानीय युवाओं को उनकी पढ़ाई और अनुभव के अनुसार अच्छे और सम्मानजनक पदों पर नौकरी दी जाए, न कि सिर्फ मजदूरी।
*3. स्वास्थ्य सुविधा दी जाए -* प्लांट में काम कर रहे स्थानीय कर्मचारियों और श्रमिकों को उचित मेडिकल सुविधा, स्वास्थ्य बीमा और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
*4. फसल नुकसान का मुआवजा मिले -* प्लांट के धुएं और प्रदूषण से आसपास के खेतों और फसलों को हो रहे नुकसान का राजस्व और कृषि विभाग की टीम से निष्पक्ष सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाए।
किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन देने पहुंचे किसानों ने कहा कि अगर 4 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे प्लांट के गेट के सामने धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम करने को मजबूर होंगे।
अब देखना होगा कि बेमेतरा प्रशासन और प्रदूषण विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है!
