|

​विधायक धर्मलाल कौशिक के निज सचिव के पूज्य पिता का आकस्मिक निधन; बोदरी क्षेत्र में शोक की लहर।

​विधायक धर्मलाल कौशिक के निज सचिव के पूज्य पिता का आकस्मिक निधन; बोदरी क्षेत्र में शोक की लहर।


​मुरारी लाल प्रजापति के अवसान से स्तब्ध हुआ जनमानस; ‘सुशासन तिहार’ के मध्य मिली दुखद सूचना, विधायक धर्मलाल कौशिक सहित वरिष्ठ जन शोक संतप्त परिवार के बीच पहुंचे
​वरिष्ठ पत्रकार ‘समुद्र शास्त्री’ सहित प्रबुद्ध जनों ने प्रकट की गहरी संवेदना; ज्योति कुलदीप और दुर्गा कौशिक ने व्यवस्था संभालते हुए दी भावभीनी श्रद्धांजलि
​बिलासपुर/बोदरी।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक धर्मलाल कौशिक के निज सचिव अरुण प्रजापति के पूजनीय पिता मुरारी लाल प्रजापति का आज आकस्मिक अवसान हो गया। एक कर्मठ और आदरणीय व्यक्तित्व के सिर से साया उठ जाने की इस हृदयविदारक सूचना से समूचे बोदरी क्षेत्र सहित राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गहरा शोक व्याप्त हो गया है।
​प्रशासनिक शिविर के मध्य आई वज्रपात जैसी सूचना
​यह दुखद और आधिकारिक सूचना उस समय प्राप्त हुई, जब बोदरी नगर परिषद क्षेत्र में शासकीय ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के अंतर्गत जनहित के कार्यों का संपादन किया जा रहा था और हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए जा रहे थे। इस असहनीय दुख की घड़ी में अपने सहयोगी के साथ खड़े होने के नैतिक कर्तव्य का निर्वहन करते हुए, स्वयं क्षेत्रीय विधायक धर्मलाल कौशिक सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ जन आधा कार्यक्रम छोड़कर सीधे शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने उनके निज निवास के लिए रवाना हो गए। इस अपरिहार्य और अत्यंत संवेदनशील कारण से विधायक धर्मलाल कौशिक का बोदरी आगमन भी स्थगित कर दिया गया।
​शोक के क्षणों में महिला नेतृत्व ने संभाली कमान, दी विनम्र श्रद्धांजलि
​शिविर के दौरान इस बड़ी विपत्ति की सूचना मिलते ही जहाँ एक ओर माहौल गमगीन हो गया, वहीं दूसरी ओर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कर्तव्यनिष्ठा की अनूठी मिसाल पेश की। भारतीय जनता पार्टी की जिला कार्यकारिणी सदस्य ज्योति कुलदीप और पूर्व महिला मोर्चा महामंत्री दुर्गा कौशिक ने इस अत्यंत भावुक और कठिन समय में अपनी गहरी शोक संवेदना प्रकट की।
​दोनों महिला नेत्रियों ने इस दुखद घड़ी में संवेदनशीलता का परिचय देते हुए न केवल दिवंगत आत्मा के प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की, बल्कि शिविर में उपस्थित दूर-दराज के नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़कर शासकीय कार्यवाहियों और व्यवस्थाओं को संभाला, ताकि शोक की इस बेला में भी आम जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े। उनके इस सेवाभावी और अनुशासित कदम की उपस्थित जनसमुदाय द्वारा सराहना की गई।
​वरिष्ठ पत्रकार और प्रबुद्ध जनों ने व्यक्त की गहरी संवेदनाएँ
​इस अपूरणीय क्षति पर ‘जन कल्याण पुनर्वास केंद्र समाचार प्रतिष्ठान’ बोदरी के प्रमुख एवं वरिष्ठ पत्रकार श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ ने अपनी गहरी और आत्मीय संवेदनाएं व्यक्त की हैं। वरिष्ठ पत्रकार ‘समुद्र शास्त्री’ ने दुख व्यक्त करते हुए कहा:
​”पिता का जाना जीवन की सबसे बड़ी और अपूरणीय क्षति है। इस भीषण विपत्ति और गहन शोक की घड़ी में ईश्वर शोकाकुल परिवार को यह असीम कष्ट सहने की आत्मिक शक्ति, धैर्य और संबल प्रदान करें।”
​उनके साथ ही छत्तीसगढ़ गौ प्रकोष्ठ प्रभारी रामेश्वर पांडेय ‘शमशानी फक्कड़ बाबा’, विशिष्ट समाजसेवी  राष्ट्रीय सामाजिक संगठन की कोर कमेटी के सम्मानित सदस्यों ने भी दिवंगत पुण्यात्मा की शांति हेतु सर्वशक्तिमान ईश्वर से प्रार्थना की है। पूरे क्षेत्र ने एक सुर में दिवंगत आत्मा की सद्गति के लिए मौन प्रार्थना करते हुए अपनी श्रद्धांजलि ज्ञापित की है।
​💐 दिवंगत पुण्यात्मा को विनम्र श्रद्धांजलि! ॐ शांति। 💐

अन्य खबरें