​बिलासपुर की बेटी को नोनी सशक्तिकरण योजना से मिली 20 हजार की सहायता;।

सपनों को मिले ‘सशक्तीकरण’ के पंख: समाधान शिविर में शिवांगी के संघर्ष को मिला मुख्यमंत्री का साथ
​बिलासपुर की बेटी को नोनी सशक्तिकरण योजना से मिली 20 हजार की सहायता; भावुक होकर कहा- “अब पढ़ाई में नहीं आएगी रुकावट”
बिलासपुर
समुद्र शास्त्री, दैनिक (अमर स्तंभ)न्यूज
​बिलासपुर | हौसलों की उड़ान जब आर्थिक तंगहाली की दीवारों से टकराती है, तो अक्सर सपने दम तोड़ देते हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार इन दीवारों को ढहाकर बेटियों के सपनों को हकीकत में बदल रही है। इसका जीवंत उदाहरण हाल ही में मंगला में आयोजित ‘समाधान शिविर’ में देखने को मिला, जहाँ कुड़ूदंड निवासी शिवांगी के चेहरे पर उस वक्त मुस्कान खिल उठी, जब उन्हें नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना का चेक प्राप्त हुआ।
​संघर्ष से सफलता तक: एक श्रमिक की बेटी का संकल्प
​शिवांगी एक साधारण श्रमिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं। माता-पिता की पसीने की कमाई से घर का चूल्हा तो जलता था, लेकिन कॉलेज की फीस और किताबों का खर्च एक भारी बोझ बन चुका था। कई बार ऐसे हालात बने कि शिवांगी को लगा कि शायद अब पढ़ाई छोड़नी पड़ेगी, मगर उनके भीतर कुछ कर गुजरने की तड़प जिंदा थी।
​समाधान शिविर बना ‘उम्मीद की किरण’
​सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर में शिवांगी की यह मुश्किल आसान हो गई। श्रम विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत उन्हें 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। यह राशि तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह एवं बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला के हाथों सौंपी गई।
​”यह केवल 20 हजार रुपये नहीं हैं, बल्कि मेरे सपनों को मिला नया जीवन है। अब मैं बिना किसी डर के अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर सकूँगी। हमारी सरकार वाकई बेटियों के दर्द को समझती है।”
— शिवांगी, लाभार्थी छात्रा
​योजना की मुख्य विशेषताएं और प्रभाव
​शासन की यह पहल श्रमिक परिवारों की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रही है:
​त्वरित लाभ: समाधान शिविरों के माध्यम से फाइलों का निपटारा मौके पर ही हो रहा है।
​शिक्षा को बढ़ावा: आर्थिक सहायता का सीधा उपयोग छात्राओं की उच्च शिक्षा और कौशल विकास के लिए हो रहा है।
​आत्मनिर्भरता: सहायता राशि मिलने से बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
​सुशासन का दिख रहा असर
​मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार आयोजित हो रहे समाधान शिविर आज आम जनता के लिए ‘संकटमोचक’ की भूमिका निभा रहे हैं। शिवांगी की कहानी केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं है, बल्कि यह उन हजारों बेटियों के विश्वास की जीत है जो अभावों के बावजूद आसमान छूने का जज्बा रखती हैं।

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