अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल:।
अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल:
बेलतरा विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी के नेतृत्व में तिफरा बिजली ऑफिस का घेराव
भीषण गर्मी और 45 डिग्री तापमान के बीच फूटा जनता का आक्रोश; कार्यकर्ताओं ने घेरा मुख्य अभियंता कार्यालय, पुलिस के साथ हुई झूमाझपटी
बिलासपुर:
छत्तीसगढ़ में जारी भीषण गर्मी और अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के पूर्व अध्यक्ष एवं बेलतरा विधानसभा से विधायक प्रत्याशी रहे विजय केशरवानी की अगुवाई में आज एक विशाल आंदोलन किया गया। नवतपा के पहले ही दिन 45 डिग्री की चिलचिलाती धूप में हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम जनता ने तिफरा स्थित बिजली विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय का घेराव किया।
भारी पुलिस बल तैनात, कार्यकर्ताओं ने तोड़ा गेट
सुबह 10 बजे से ही बेलतरा, बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर और रतनपुर जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों से ग्रामीण, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में जुटने लगे थे। प्रदर्शनकारी हाथों में कूलर-फ्रिज के पोस्टर और ‘बिजली कटौती बंद करो’ की तख्तियां लिए हुए थे। बिजली कार्यालय पर भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट तोड़कर भीतर प्रवेश किया। जब उन्हें अंदर रोका गया, तो वे चिलचिलाती धूप में ही जमीन पर धरने पर बैठ गए।
विजय केशरवानी के तीखे प्रहार: “दिया तले अंधेरा”
आंदोलन को संबोधित करते हुए विजय केशरवानी ने प्रदेश सरकार और विभाग पर कड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
संसाधनों की लूट: “छत्तीसगढ़ में बिजली का उत्पादन हो रहा है, लेकिन यहाँ की जनता अंधेरे में रहने को मजबूर है। सरकार बिजली को निजी उद्योगों को ऊँचे दामों पर बेच रही है, जो ‘दिया तले अंधेरा’ जैसा है।”
सिस्टम का कोलाप्स: “करोड़ों खर्च करने के बाद भी हल्की हवा-आंधी में पूरा सिस्टम ठप हो जाता है। विभाग पूरी तरह ठेकेदारों पर आश्रित है, जिनके पास न पर्याप्त कर्मचारी हैं और न ही जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता।”
छात्रों और किसानों की समस्या: “नीट, पीएससी और सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं, किसानों को पानी चाहिए, लेकिन बिजली न होने से सब कुछ ठप है। सरकार सुशासन का ढोंग कर रही है, जबकि हकीकत में कुशासन व्याप्त है।”
प्रमुख मांगें और आश्वासन
शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कॉल सेंटर की बदहाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां कोई सक्षम अधिकारी नहीं बैठता और ऑनलाइन शिकायतों का कोई समाधान नहीं होता। विजय केशरवानी ने मांग की कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग पेट्रोलिंग गाड़ियां चलाई जाएं और मोपका फीडर जैसी समस्याओं का स्थायी निराकरण हो।
अंत में, बिजली विभाग के मुख्य अभियंता श्री अम्बष्ट और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर ज्ञापन लिया। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि विभाग जनता की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है और जल्द ही व्यवस्था में सुधार के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
आंदोलन में ये रहे प्रमुख रूप से शामिल
इस वृहद प्रदर्शन में पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांडे, ऋषि पांडेय, ब्लॉक अध्यक्ष गण धनंजय सिंह, प्रभंजन बैसवाडे, लक्ष्मीनाथ शाहू, संतोष गर्ग, हितेश देवांगन के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिला नेत्रियां संध्या तिवारी, शहज़ादी क़ुरैशी, शिल्पी तिवारी, पिंकी बतरा और हजारों की संख्या में ग्रामीण जन व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
