सीएसपी निमितेश सिंह के नेतृत्व में तकनीकी निगरानी से मिली सफलता।
अपराध मुक्त बिलासपुर का संकल्प: ‘खिलाड़ी बुक’ ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़; 22 लाख से अधिक के मशरूका के साथ 4 आरोपी गिरफ्तार, फरार सटोरियों के खिलाफ ‘लुक आउट सर्कुलर’ जारी
बिलासपुर | दिनांक: 25 मई 2026
बिलासपुर पुलिस ने संगठित अपराध और अवैध वित्तीय नेटवर्क के खिलाफ एक और बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। पुलिस ने ‘खिलाड़ी बुक’ पैनल के माध्यम से बड़े पैमाने पर संचालित हो रहे एक हाई-टेक ऑनलाइन सट्टा गिरोह को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। सिविल लाइन थाना पुलिस की इस त्वरित और योजनाबद्ध छापामार कार्रवाई में कुल चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जिसमें एक विधि से संघर्षरत (नाबालिग) बालक भी शामिल है।
सीएसपी निमितेश सिंह के नेतृत्व में तकनीकी निगरानी से मिली सफलता
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) सिविल लाइन, श्री निमितेश सिंह ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दिशा-निर्देशन में अवैध जुआ और सट्टा कारोबारियों के खिलाफ एक विशेष टीम का गठन किया गया था। मुखबिर तंत्र और आधुनिक तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल की मदद) के आधार पर पुलिस ने सट्टेबाजों के इस गुप्त नेटवर्क को ट्रैक किया। जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग कर क्षेत्र के भोले-भाले युवाओं को ऑनलाइन सट्टे की दलदल में धकेल रहे थे।
गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों की पहचान संतोष जसवानी, करन श्रीवास और आशीष जसवानी के रूप में हुई है।
लाखों की नगदी, 27 एटीएम कार्ड और गाड़ियां बरामद
सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि पुलिस रेड के दौरान आरोपियों के पास से अपराध से अर्जित भारी मात्रा में संपत्ति और सट्टे में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस ने कुल 22.63 लाख रुपये मूल्य का मशरूका (सामान) बरामद किया है, जिसका विवरण इस प्रकार है:
नगद राशि: सट्टे की कमाई के 13.48 लाख रुपये नगद।
डिजिटल उपकरण: ऑनलाइन सट्टा संचालन में प्रयुक्त 5 उच्च स्तरीय (High-end) स्मार्टफोन।
बैंकिंग टूल्स: अवैध लेन-देन और पैसों की हेराफेरी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे विभिन्न बैंकों के 27 नग एटीएम (ATM) कार्ड।
वाहन: आरोपियों द्वारा प्रयुक्त एक टाटा कार और एक स्कूटी।
विदेश भागने की फिराक में फरार आरोपी; लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी
विवेचना के दौरान पुलिस को यह महत्वपूर्ण सुराग मिला है कि इस अवैध रकम को खपाने और आगे ट्रांसफर करने के लिए एक बहुत बड़ा संगठित सिंडिकेट काम कर रहा है। मामले की गंभीरता और आरोपियों के देश छोड़कर विदेश भागने की आशंका को देखते हुए बिलासपुर पुलिस ने त्वरित कदम उठाया है। सीएसपी निमितेश सिंह के अनुसार, इस रैकेट के फरार मुख्य सटोरियों— रोहित पंजवानी, सागर चेतवानी और राज चेतानी— के खिलाफ बिलासपुर पुलिस द्वारा ‘लुक आउट सर्कुलर’ (LOC) जारी करवा दिया गया है, ताकि वे देश से बाहर न भाग सकें।
कानून का शासन और जीरो टॉलरेंस नीति
इस बड़ी सफलता पर बिलासपुर पुलिस प्रशासन ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि संविधान और कानून के दायरे से बाहर जाकर अवैध गतिविधियां संचालित करने वाले किसी भी अपराधी या गिरोह को कतई बख्शा नहीं जाएगा। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर पूर्ण नियंत्रण हेतु पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) नीति निरंतर जारी रहेगी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
“कानून की सजग सक्रियता, निष्पक्ष वैधानिक कार्रवाई और आम जनता के सहयोग से ही एक सुरक्षित और अपराध मुक्त समाज का निर्माण संभव है।” > — बिलासपुर पुलिस
