कैबिनेट का बड़ा फैसला: छत्तीसगढ़ में अब प्लास्टिक बोतलों में बिकेगी शराब, नई आबकारी नीति 2026-27 को मंजूरी

कैबिनेट का बड़ा फैसला: छत्तीसगढ़ में अब प्लास्टिक बोतलों में बिकेगी शराब, नई आबकारी नीति 2026-27 को मंजूरी

रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत सरकार ने एक बड़ा और चौंकाने वाला निर्णय लेते हुए राज्य में शराब की बिक्री कांच की बोतलों के बजाय अब प्लास्टिक बोतलों में करने का फैसला किया है।

नई नीति के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से राज्य की सभी शराब कंपनियों को कांच की जगह प्लास्टिक बोतलों में पैकिंग अनिवार्य रूप से करनी होगी।

सरकार का तर्क: टूट-फूट से होगा नुकसान कम

सरकार का कहना है कि इस फैसले से सरकारी शराब दुकानों में कांच की बोतलें टूटने से होने वाले नुकसान में कमी आएगी। साथ ही मदिरा प्रेमियों को भी “सुरक्षित शराब” मिलेगी, क्योंकि बोतल हाथ से गिरने पर नुकसान की संभावना नहीं रहेगी।

पर्यावरण को लेकर उठे सवाल

हालांकि सरकार का यह निर्णय कई सवाल भी खड़े कर रहा है। एक ओर जहां सरकार पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त अभियान की बात करती रही है, वहीं दूसरी ओर शराब को प्लास्टिक बोतलों में बेचने का फैसला पर्यावरणीय जिम्मेदारी पर सवालिया निशान लगा रहा है।

लाइसेंस व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव

इसी कैबिनेट बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। अब तक कम्पोजिट लाइसेंस जारी करने का अधिकार शासन स्तर पर था, लेकिन नई आबकारी नीति के तहत यह अधिकार आबकारी आयुक्त को सौंप दिया गया है।

सरकार का दावा है कि इससे प्रशासनिक प्रक्रिया में तेजी आएगी, लेकिन विपक्ष और विशेषज्ञ इसे प्रशासनिक शक्तियों के केंद्रीकरण और पारदर्शिता से जोड़कर देख रहे हैं।

राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज

नई आबकारी नीति को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई है। जहां सरकार इसे सुव्यवस्था और सुरक्षा से जोड़ रही है, वहीं आलोचक इसे पर्यावरण विरोधी और जनहित के विपरीत बता रहे हैं।

अन्य खबरें