मुंगेली जिले के नुनियाकछार में तीन दिवसीय बगदई मेला उत्सव का भव्य आयोजन, 1 से 3 फरवरी 2026 तक
मुंगेली जिले के नुनियाकछार में तीन दिवसीय बगदई मेला उत्सव का भव्य आयोजन, 1 से 3 फरवरी 2026 तक

मुंगेली (छ.ग.) — जिला मुंगेली के ग्राम नुनियाकछार में परंपरा, आस्था और लोकसंस्कृति का संगम माने जाने वाला बगदई मेला उत्सव इस वर्ष 14वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। यह तीन दिवसीय मेला 01 फरवरी से 03 फरवरी 2026 तक श्रद्धा और उल्लास के साथ आयोजित किया जाएगा। मेला आयोजन का दायित्व जय बगदई दाई सेवा समिति, नुनियाकछार द्वारा निभाया जा रहा है।
मेला उत्सव की शुरुआत 01 फरवरी 2026 (रविवार) को शाम 5 बजे माता बगदई दाई की पूजन-अर्चना एवं भजन संध्या के साथ होगी। धार्मिक वातावरण में होने वाला यह कार्यक्रम क्षेत्रवासियों के लिए विशेष आस्था का केंद्र रहता है।
02 फरवरी 2026 (सोमवार) को मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान समारोह एवं विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। आयोजन में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, मुंगेली/नुनियाकछार (छ.ग.) की सहभागिता भी रहेगी। कार्यक्रम का प्रायोजन स्टार्स ऑफ दमौरा वेलफेयर सोसायटी, मुंगेली द्वारा किया जाएगा।
मेले का मुख्य आकर्षण 03 फरवरी 2026 (मंगलवार) को होने वाला लोक पारंपरिक छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। इस अवसर पर प्रसिद्ध लोक प्रस्तुति “चिन्हारी” लोक मंजीरा की भव्य प्रस्तुति दी जाएगी, जिसमें आकाश चंद्राकर (संचालक/निर्देशक) एवं सुप्रसिद्ध लोक गायिका पायल साहू सहित लगभग 40 कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। यह कार्यक्रम रात्रि 9 बजे से प्रारंभ होगा।
मेले के दौरान मनोरंजन, झूले, दुकानों एवं सांस्कृतिक झांकियों से पूरा क्षेत्र मेले के रंग में रंगा रहेगा। दुकान लगाने के इच्छुक व्यापारियों से समिति ने तीन दिवस पूर्व संपर्क करने की अपील की है।
समिति द्वारा संपर्क हेतु मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं:
9009150635, 6267121229, 9754352057, 9753249702
आयोजकों ने समस्त श्रद्धालुओं, ग्रामीणों एवं आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों से बगदई मेला उत्सव में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति को जीवंत रखने का एक सशक्त माध्यम भी है।
