केंद्रीय मंत्री हाशिये पर, उपमुख्यमंत्री फ्रेम में! बिलासपुर में पोस्टर पॉलिटिक्स गरमाई महोत्सव पीछे, पोस्टर आगे: बिलासपुर में मुख्यमंत्री के बाद किसका कद सबसे बड़ा?
केंद्रीय मंत्री हाशिये पर, उपमुख्यमंत्री फ्रेम में! बिलासपुर में पोस्टर पॉलिटिक्स गरमाई
महोत्सव पीछे, पोस्टर आगे: बिलासपुर में मुख्यमंत्री के बाद किसका कद सबसे बड़ा?

बिलासपुर… 23 से 25 दिसंबर के बीच बहतराई स्थित खेल मैदान में शासन द्वारा युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन 23 दिसंबर को प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय करेंगे। उद्घाटन सत्र में सुविचार कथा वाचक कुमार विश्वास भी शिरकत करेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव करेंगे, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मौजूद रहेंगे। अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य शामिल होंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी विशेष उपस्थिति दर्शाई गई है।

लेकिन आयोजन से पहले ही युवा महोत्सव कार्यक्रम
उपमुख्यमंत्री अरुण साव का है। इसके उलट, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू को कहीं बेहद छोटे स्थान पर दिखाया गया है तो कहीं उनका फोटो पोस्टर से नदारद है। हालात ऐसे हैं कि कई जगह पोस्टर में केंद्रीय मंत्री का चेहरा ढूंढना पड़ रहा है।
सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि कई पोस्टरों में कुमार विश्वास का फोटो मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के लगभग बराबर आकार में नजर आता है, जबकि भारत सरकार के मंत्री को अपेक्षित स्थान नहीं दिया गया। इसी को लेकर राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर यह सरकारी कार्यक्रम है या किसी एक नेता के वर्चस्व का मंच।
इस पूरे विवाद को और हवा उन पुराने प्रसंगों से मिल रही है, जिनकी चर्चा अब फिर से तेज हो गई है।
कुछ समय पहले जब केंद्रीय मंत्री तोखन साहू का
जन्मदिन मनाया जा रहा था, तब उनके समर्थकों द्वारा शहर के कोने-कोने में पोस्टर लगाए गए थे। लेकिन ठीक जन्मदिन के दिन ही नगर निगम प्रशासन ने यह कहते हुए पोस्टर हटवा दिए कि इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उस समय यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी, लेकिन मामला वहीं दबा दिया गया।
इसके बाद केंद्र सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल को लेकर एक निजी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भी लगाए गए पोस्टरों से केंद्रीय मंत्री तोखन साहू का फोटो गायब मिला। इस बात को मौके पर मौजूद पत्रकारों ने लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के संज्ञान में भी लाया था। तब तत्काल बात को टाल दिया गया, लेकिन बाद में यह मुद्दा संगठन के भीतर लंबे समय तक चर्चा में रहा। यहां तक कि यह भी जानकारी सामने आई कि केंद्रीय मंत्री ने इस व्यवहार को लेकर अपनी नाराजगी दबे तौर पर जाहिर की थी
अब युवा महोत्सव के पोस्टरों में भी वही तस्वीर दोहराती दिख रही है। जिले की छह विधानसभा में से चार विधायकों का या तो पोस्टर में नाम नहीं है, या फोटो बेहद छोटे आकार में है। इसे लेकर स्थानीय विधायकों और संगठन के भीतर भी नाराजगी की बात सामने आ रही है।
राजनीतिक जानकार इसे सीधे तौर पर वर्चस्व की लड़ाई से जोड़कर देख रहे हैं। चर्चा है कि बिलासपुर को भविष्य के राजनीतिक केंद्र के रूप में तैयार करने की कोशिश में कुछ चेहरे खुद को बड़ा और बाकी को छोटा दिखाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। यही वजह है कि युवा महोत्सव जैसे सरकारी आयोजन में भी पोस्टर अब राजनीतिक संदेश बनते जा रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार अमर स्तंभ पंडित श्रवण दिवस समुद्र शास्त्री राष्ट्रीय अध्यक्ष , संरक्षक अखिल भारतीय हिंदू राष्ट्र निर्माणसेना महंत काल भैरव धाम आदर्श मुक्तिधाम बोदरी तहसील ने गोष्टी के दौरान एक प्रश्न में उन्होंने कहा कि किसी भी प्रचार और प्रचार की जो चीज होती है वह पूरी तरीके से संवैधानिक वह पूर्ण दया नियमित और नियोजित होती हैं जिसको देखते हुए ऐसा लग रहा है कि परिवार में आंतरिक कलर उठ रहा है और कुछ बगावत की बोसी भी आ रही है पोस्ट को देखकर यह भी कहा जा सकता है बाकी वैचारिक अपने-अपने मत सभी के हैं उसका कोई आधार नहीं है इसलिए यह मत के आधार पर सिर्फ बात किया जा रहा है अन्यथा ना लिया जाए।
, युवा महोत्सव से पहले ही बिलासपुर में पोस्टर वार ने यह साफ कर दिया है कि आयोजन से ज्यादा राजनीति, गुटबाजी और शक्ति प्रदर्शन चर्चा का विषय बन चुका है।
