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साय सरकार के ऐतिहासिक निर्णयों से छत्तीसगढ़ सुशासन और विकास के स्वर्णिम युग की ओर: रत्नावली कौशल

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की पूर्व सदस्य रत्नावली कौशल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कैबिनेट द्वारा लिए गए 19 बड़े जनहितैषी निर्णयों का जोरदार स्वागत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और समूचे मंत्रिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसले साबित करते हैं कि साय सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा और कर्मचारियों के समग्र कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

​रत्नावली कौशल ने कहा कि खरीफ वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी का निर्णय प्रदेश के 27 लाख से अधिक किसानों के लिए बड़ी सौगात है। कृषक उन्नति योजना के तहत आदान सहायता को प्रति एकड़ देने के प्रावधान से फसल विविधीकरण को नया बढ़ावा मिलेगा। वहीं, एम-ऊर्जा योजना की राहत अवधि को मार्च 2027 तक बढ़ाकर सरकार ने 7.25 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को निरंतर राहत पहुँचाने का काम किया है।

​कर्मचारी हित में लिए गए फैसलों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि शासकीय कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने से अब गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान परिवारों को किसी आर्थिक संकट से नहीं जूझना पड़ेगा।

​प्रदेश के सर्वांगीण विकास की दिशा में उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए रत्नावली कौशल ने कहा कि 500 करोड़ रुपये का मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन, 500 करोड़ रुपये का पर्यटन विकास मिशन और खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए 100 करोड़ रुपये का खेल उत्कर्ष मिशन सरकार की दूरदर्शी सोच का प्रतीक हैं। इसके अलावा बस्तर से सरगुजा की कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली 8000 करोड़ रुपये की कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल परियोजना, डामर की बढ़ती दरों से ठेकेदारों को राहत, राजनांदगांव में 400 करोड़ की मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी, कोल गैसीफिकेशन को प्रोत्साहन, नगर पंचायत कूंरा का नाम कुंवरगढ़ करने और जनहित से जुड़े 9 राजनीतिक प्रकरण वापस लेने जैसे निर्णय ऐतिहासिक हैं। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज विकास के नए शिखर की ओर बढ़ रहा है।

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