मुंगेली की समाजसेवी सविता पात्रे रायपुर में ‘मिनी माता सम्मान’ से सम्मानित
जरहागांव / मुंगेली:
राजधानी रायपुर स्थित वृन्दावन हॉल (सिविल लाइन) में ममतामयी मिनी माता स्मृति दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी रायपुर तथा राजश्री सद्भावना समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुंगेली जिले के ग्राम जरहागांव की समाजसेवी श्रीमती सविता पात्रे (पति श्री मुकेश कुमार पात्रे) को उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए ‘मिनी माता महिला प्रतिभा सम्मान’ से नवाजा गया।

अतिथियों ने उन्हें सम्मान स्वरूप साड़ी, श्रीफल, स्मृति चिन्ह (शील्ड) और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी एवं ममतामयी मिनी माता जी के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन व पूजा-अर्चना के साथ हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष माननीय के.पी. खांडे ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सारंगढ़ की पूर्व विधायक पद्मा मनहर एवं लखनऊ (उत्तर प्रदेश) से आए कमलेश बाबाजी मंचस्थ रहे।
प्रदेश की 80 उत्कृष्ट महिलाओं का हुआ चयन
समारोह के दौरान प्रदेश भर में विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाली 80 उत्कृष्ट महिलाओं का चयन कर उन्हें सम्मानित किया गया। समाज सेवा के क्षेत्र में जरहागांव की सविता पात्रे के निरंतर प्रयासों और योगदान को देखते हुए समिति द्वारा उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया।
सांस्कृतिक और साहित्यिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम के दौरान कवियों एवं संगीतकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। किरण भारती और हृदय आनंद ने गीतों की सुंदर प्रस्तुति दी, वहीं उपस्थित कवियों ने काव्य पाठ किया। सतनाम भजन गायकों और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह भर दिया।

गरिमापूर्ण उपस्थिति
समारोह का सफल संचालन अकादमी के मुख्य प्रवक्ता चेतन चंदेल और कोषाध्यक्ष डॉ. जे.आर. सोनी ने किया। इस अवसर पर राजश्री सद्भावना समिति की अध्यक्ष शकुन डहरिया, आशा पात्रे, चंपा गेंदले, दुर्गा गेंदले, खेदूदास बंजारे, कवि साधु राम अनंत, बी.एल. कुर्रे, डॉ. गोकुल बंजारे चंदन, प्रतिमा बार्ले, कांति बंजारे, ललिता कुर्रे (असम), मैना देवी मांडले सहित अकादमी के पदाधिकारी, साहित्यकार और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
