बिलासपुर में उपद्रव व थाना घेराव के प्रयास पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई; कलेक्टर और एसएसपी ने संभाली कमान, । स्थिति पूरी तरह नियंत्रित; भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज, 400 से अधिक सशस्त्र बल तैनात।

बिलासपुर में उपद्रव व थाना घेराव के प्रयास पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई; कलेक्टर और एसएसपी ने संभाली कमान, स्थिति पूरी तरह नियंत्रित; भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज, 400 से अधिक सशस्त्र बल तैनात

बिलासपुर (छत्तीसगढ़): बिलासपुर नगर के थाना सिटी कोतवाली अंतर्गत सोशल मीडिया टिप्पणी एवं व्यक्तिगत विवाद को लेकर उपजे तनाव के उपरांत पथराव, उपद्रव तथा थाना परिसर के घेराव के प्रयास पर जिला एवं पुलिस प्रशासन ने अत्यंत सख्त व निष्पक्ष विधिक कार्रवाई की है। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर संजय अग्रवाल तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह ने स्वयं मोर्चे पर पहुंचकर स्थिति पर नियंत्रण स्थापित किया।
विस्तृत घटनाक्रम एवं प्रशासनिक कार्रवाई:
घटना का स्वरूप एवं शासकीय कार्य में बाधा:
सदर बाजार एवं करोना चौक के समीप आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण उत्पन्न विवाद के बाद उपद्रवियों द्वारा सार्वजनिक संपत्ति, वाहनों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की गई। उपद्रवियों द्वारा पुलिस टीम पर किए गए पथराव में थाना प्रभारी (तारबाहर) सहित कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए। तत्पश्चात भीड़ द्वारा सिटी कोतवाली थाना परिसर में अनधिकृत प्रवेश कर घेराव एवं नारेबाजी का प्रयास किया गया।
संवैधानिक मर्यादा एवं बल प्रयोग:
शासकीय परिसर की मर्यादा भंग करने तथा कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों को चेतावनी देने के उपरांत पुलिस द्वारा विधि-सम्मत नियंत्रित बल प्रयोग (लाठीचार्ज) तथा अश्रु गैस का उपयोग कर थाना परिसर व प्रभावित क्षेत्रों को तत्काल खाली कराया गया।
कानून का शासन (Rule of Law) एवं विधिक कार्रवाई:
प्रशासन की Zero Tolerance Policy के तहत उपद्रव, बलवा, शासकीय कार्य में बाधा एवं सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले मुख्य आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर दर्जनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सीसीटीवी एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था एवं फ्लैग मार्च:
कलेक्टर एवं एसएसपी के नेतृत्व में संवेदनशील क्षेत्रों में देर रात फ्लैग मार्च किया गया। बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, मुंगेली पुलिस एवं छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के 400 से अधिक जवानों की तैनाती के साथ वर्तमान में स्थिति पूर्णतः शांत एवं नियंत्रण में है।
आधिकारिक वक्तव्य:
”थाना परिसर संवैधानिक न्याय का केंद्र है। किसी भी स्थिति में भीड़तंत्र को कानून हाथ में लेने या शासकीय व्यवस्था को बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उपद्रवियों एवं अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ बिना किसी पक्षपात के कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।”
— [जिला प्रशासन एवं पुलिस मुख्यालय, बिलासपुर]
जनसाधारण हेतु अपील:
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से शांति, संयम और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने तथा सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या असत्यापित सामग्री साझा न करने का आग्रह किया है।
